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मैहर में उफनते नाले पार कर स्कूल जाते बच्चे, बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे ग्रामीण

मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहां ग्राम पंचायत सोनवारी के मोदीनगर और आदिवासी बस्ती के स्कूली बच्चे उफनते नाले को पार कर जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते हैं। ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं का अभाव है और बारिश में नाला पार करना उनकी मजबूरी है। सरपंच कृष्णाबाई उमाकांत उपाध्याय ने 2024 और 2025 में जिला प्रशासन को मांग पत्र सौंपे, जबकि ग्रामीणों ने चार साल से ग्राम पंचायत, जिला प्रशासन और सीमेंट कंपनी के सीएसआर विभाग को रपटा व सड़क निर्माण के लिए कई ज्ञापन दिए हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी से संपर्क नहीं हो सका।

मैहर में वन भूमि पर बिरसा मुंडा प्रतिमा विवाद ने पकड़ा तूल, पथराव के बाद कार्रवाई

मैहर के बहेली गांव में वन भूमि पर बिरसा मुंडा और डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाएं स्थापित किए जाने को लेकर बुधवार को तनाव की स्थिति बन गई। वन विभाग द्वारा कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पथराव हुआ, जिसके बाद प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर स्थिति नियंत्रित की। 300 से अधिक पुलिस और वनकर्मियों की मौजूदगी में प्रतिमाओं को हटाकर जब्त किया गया तथा भूमि पर पौधारोपण कराया गया। यह विवाद नया नहीं है; 2 जुलाई को भी ऐसी ही कार्रवाई हुई थी। आदिवासी समुदाय इसे अपने महापुरुषों का सम्मान मानता है, जबकि वन विभाग इसे अवैध अतिक्रमण बताता है।

मैहर के शासकीय स्कूल में नाबालिग छात्रों को एडल्ट फिल्म दिखाने का मामला

मैहर जिले के अमरपाटन विकासखंड स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल कठहा में जुलाई के अंतिम दिन अतिथि शिक्षक हंसराज पटेल ने नाबालिग छात्रों को ‘ए’ प्रमाणित फिल्म ‘धुरंधर’ दिखाई। सीएम हेल्पलाइन में निशांत तिवारी द्वारा शिकायत (क्रमांक 39809957) दर्ज कराई गई है, जिसे 1 अगस्त को बीईओ को आवंटित किया गया। हालांकि, शिकायतकर्ता का आरोप है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे विभागीय उदासीनता पर सवाल उठ रहे हैं।

मैहर आंगनबाड़ी में बच्चों को नमक-पूरी परोसने का वीडियो वायरल, विभाग ने बताया 3 माह पुराना

मध्य प्रदेश के मैहर जिले के ग्राम ककरा स्थित एक आंगनबाड़ी केंद्र का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें बच्चों को पोषण आहार के नाम पर नमक के साथ पूरी परोसी गई। विभाग ने इसे लगभग तीन माह पुराना वीडियो बताया है, जिसे सब्जी परोसने से पहले बनाया गया था। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं, जबकि परियोजना अधिकारी ने इसे 26 जुलाई की एक घटना से जोड़ते हुए दबाव बनाने के लिए वायरल किया गया पुराना वीडियो बताया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने जांच रिपोर्ट सौंप दी है।