इंदौर में दिल्ली की तर्ज पर खतरनाक वाहन चलाने वालों के खिलाफ सीधी एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की गई है। यातायात बाधित करने और जान जोखिम में डालने वाले चालकों को अब अदालत से जमानत लेनी होगी। न्यूनतम छह महीने के लिए लाइसेंस निलंबित किया जाएगा और ₹3,000 का आर्थिक दंड भी भरना होगा। गंभीर मामलों में जेल भी हो सकती है। यातायात पुलिस के अनुसार, अब तक 12 प्रकरणों में 21 वाहन चालकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। शहर के प्रमुख चौराहों पर विशेष चेकिंग अभियान और ड्रोन सर्विलांस के माध्यम से निगरानी की जा रही है।
कलियासोत बांध क्षेत्र में वेटलैंड की पर्यावरणीय संवेदनशीलता की अनदेखी कर मड रैली और स्टंट करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। रातीबड़ पुलिस ने 10 चार पहिया वाहन जब्त किए हैं और संबंधित वाहन चालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। 26 जुलाई को हुए इस घटनाक्रम में कुछ लोगों ने पुलिस कार्रवाई की भनक लगने पर वाहनों से कीचड़ साफ कर पहचान छिपाने का प्रयास किया। पर्यावरणविद् राशिद नूर खान ने बताया कि यह घटना राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के जनवरी 2020 के आदेश की अवहेलना है, जिसमें वेटलैंड क्षेत्रों में ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी।