इंदौर जिले में कम बारिश के कारण खेतों में जल संकट गहरा गया है। सितंबर माह समाप्त होने को है, लेकिन कई गांवों में तालाब और चेकडैम खाली हैं, और नलकूप भी साथ छोड़ रहे हैं। इससे लहसुन और आलू की बोवनी प्रभावित हो रही है, तथा अक्टूबर में गेहूं और चने की बोवनी को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि विभाग कम पानी वाली फसलों के प्रचार-प्रसार के लिए गांवों का दौरा कर रहा है।
मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत घरों में कोयले का भंडार तेजी से घटने से आगामी रबी सीजन में बिजली उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान कोयला स्टॉक पिछले वर्ष की तुलना में आधे से भी कम है। सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि जुलाई 2025 के अंत में 11.27 लाख मीट्रिक टन कोयला उपलब्ध था, जो इस वर्ष घटकर 4.92 लाख मीट्रिक टन रह गया है। सिंगाजी ताप विद्युत गृह में केवल 4.5 दिन का कोयला बचा है, जिसे केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने ‘क्रिटिकल’ श्रेणी में रखा है।