इंदौर में दिल्ली की तर्ज पर खतरनाक वाहन चलाने वालों के खिलाफ सीधी एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की गई है। यातायात बाधित करने और जान जोखिम में डालने वाले चालकों को अब अदालत से जमानत लेनी होगी। न्यूनतम छह महीने के लिए लाइसेंस निलंबित किया जाएगा और ₹3,000 का आर्थिक दंड भी भरना होगा। गंभीर मामलों में जेल भी हो सकती है। यातायात पुलिस के अनुसार, अब तक 12 प्रकरणों में 21 वाहन चालकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। शहर के प्रमुख चौराहों पर विशेष चेकिंग अभियान और ड्रोन सर्विलांस के माध्यम से निगरानी की जा रही है।
जबलपुर में स्कूल वाहन चालक संघ ने आरटीओ और पुलिस की कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को हड़ताल की। इस दौरान कई अभिभावकों को परेशानी हुई। चालकों का कहना है कि हाल ही में कई वाहनों की जब्ती से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन के सामने मांगें रखीं। इनमें जब्त वाहनों में राहत, सीएनजी किट वाले वाहनों को अनुमति, सात सीटर वाहनों में अधिक बच्चों के परिवहन की छूट, लाइसेंस नवीनीकरण शिविर और ई-रिक्शा के उपयोग पर प्रतिबंध शामिल हैं।