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मध्य प्रदेश: अनुसूचित जनजाति और जाति के लिए 39% बजट प्रविधान के निर्देश

मध्य प्रदेश में आगामी वित्तीय वर्ष के बजट की तैयारियां शुरू हो गई हैं। वित्त विभाग ने सभी विभागों को अनुसूचित जनजाति के लिए 23 प्रतिशत और अनुसूचित जाति के लिए 16 प्रतिशत, कुल 39 प्रतिशत बजट प्रविधान रखने के निर्देश दिए हैं। विभागों को उपयोजना की राशि का उपयोग किन क्षेत्रों और योजनाओं में प्रस्तावित है, इसका स्पष्ट ब्योरा देना होगा। यह कदम उपयोजना के बजट के ऐसे क्षेत्रों में उपयोग होने के सवालों के बाद उठाया गया है, जिनका सीधा संबंध इन समुदायों से नहीं है। वर्ष 2026-27 में अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए ₹47,429 करोड़ (25.8%) और अनुसूचित जाति के लिए ₹31,192 करोड़ (17%) का प्रावधान किया गया है।

मध्य प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों का सात माह का महंगाई भत्ता व राहत रोका

मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय चुनौतियों का हवाला देते हुए कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते (डीए) और राहत (डीआर) में वृद्धि सात माह से रोक रखी है। इससे कर्मचारी महंगाई से त्रस्त हैं और उन्होंने 10 अगस्त तक निर्णय न होने पर 18 अगस्त से आंदोलन की चेतावनी दी है। वित्त विभाग ने ₹10,000 करोड़ के राजस्व प्रभावित होने का अनुमान जताया है, जिससे घाटे की स्थिति बन सकती है। सरकार ने नए वाहन खरीद और विदेश यात्रा जैसी मितव्ययिता के उपाय लागू किए हैं।

मध्य प्रदेश: GPF और अन्य निधियों पर 7.1% ब्याज दर तय

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के कर्मचारियों की सामान्य भविष्य निधि (GPF) और अन्य विभिन्न निधियों पर ब्याज दरों का निर्धारण किया है। वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, चालू तिमाही (1 जुलाई से 30 सितंबर 2026) के लिए ब्याज दर 7.1 प्रतिशत तय की गई है। यह दर मध्य भारत जीवन बीमा निधि, विभागीय भविष्य निधि और कर्मचारी बीमा सह बचत योजना पर भी समान रूप से लागू होगी। सरकार ने ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं की है, यह दर पिछली तिमाही के समान ही रखी गई है।