इंदौर के प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की पिटाई के मामले में हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। शासन ने कोर्ट में पेश की स्टेटस रिपोर्ट में बताया कि आश्रम सामाजिक न्याय विभाग की अनुमति के बिना, नगर निगम के सामुदायिक भवन में संचालित हो रहा था, जो पूर्व पार्षद के मौखिक निर्देश पर दिया गया था। कोर्ट ने सभी संबंधित वृद्धाश्रमों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और डालसा सचिव को स्थानांतरित किए गए बुजुर्गों के नए ठिकानों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।