शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू होकर नौ दिनों तक चलेंगे, इस दौरान किसी तिथि का क्षय नहीं होगा। रविवार को चित्रा नक्षत्र में नवरात्र आरंभ होने पर माता का वाहन हाथी होगा, जिसे सुख-समृद्धि और आर्थिक प्रगति का संकेत माना जाता है। पंडित अमर डिब्बेवाला के अनुसार, यह समय वित्तीय और न्याय व्यवस्था में बदलाव ला सकता है। नवरात्र में एक अमृत सिद्धि योग, दो सर्वार्थ सिद्धि योग और दो रवि योग जैसे शुभ योग बनेंगे, जो शुभ कार्यों और खरीदारी के लिए लाभकारी माने गए हैं। अष्टमी पूजन 18 या 19 अक्टूबर को होगा, और दशहरा 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। तंत्र साधना का भी विशेष महत्व है, खासकर उज्जैन में।