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ग्वालियर में साढ़े तीन करोड़ रुपये के पैच रिपेयरिंग का एक साल तक टिकने का दावा विफल

ग्वालियर में नगर निगम द्वारा 21 नवंबर 2025 से शुरू की गई नई तकनीक की पैच रिपेयरिंग का एक साल तक टिकने का दावा विफल हो गया है। नागपुर की ग्राम इंफ्राटेक कंपनी द्वारा उपयोग किया गया जिपसेट एसफाल्ट मटेरियल सड़कों पर अपनी पकड़ नहीं रख पाया। साढ़े तीन करोड़ रुपये का भुगतान होने के बावजूद टेंडर की शर्तों के मुताबिक उखड़ी हुई पैच रिपेयरिंग को दोबारा ठीक नहीं किया जा रहा है। सरस्वती नगर, बाल भवन रोड सहित 40 से अधिक सड़कों पर पैच रिपेयरिंग उखड़ गई है। नोडल अधिकारी अमित गुप्ता के अनुसार, नमी वाले स्थानों पर दिक्कत आई है और ठेकेदार को दोबारा काम करने को कहा गया है।

नगर निगम द्वारा लगाए गए रंबल स्ट्रिप से बढ़ रहे हादसे, वाहन पंक्चर

इंदौर में नगर निगम द्वारा लगाए गए फोर लेयर रंबल स्ट्रिप वाहन चालकों के लिए हादसों का कारण बन रहे हैं। प्लास्टिक व रबर की ये स्ट्रिप कुछ ही दिनों में टूटकर उखड़ रही हैं, जिससे सड़क पर उभरी नुकीली लोहे की कीलें वाहनों के टायर पंक्चर कर रही हैं और गंभीर दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं। एलआईजी चौराहा, पोलो ग्राउंड, एमआर 4, मरीमाता लिंक रोड और आईडीए चौराहे जैसे प्रमुख स्थानों पर स्ट्रिप क्षतिग्रस्त मिली हैं। स्थानीय वाहन चालक मुकेश बरोले ने बताया कि उनकी गाड़ी का टायर तीन बार पंक्चर हो चुका है। आर्किटेक्ट अतुल शेठ के अनुसार, स्पीड ब्रेकर निर्माण में तकनीकी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।

ग्वालियर की सड़कों पर हाईकोर्ट सख्त, नगर निगम को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने शहर की बदहाल सड़कों पर सख्त रुख अपनाया है। कुलदीप नर्सरी से एजी ऑफिस पुल तक की जर्जर सड़क से जुड़ी जनहित याचिका का दायरा अब पूरे शहर की सड़कों तक बढ़ा दिया गया है। बुधवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने नगर निगम से पूछा कि कितनी सड़कें सुरक्षित हैं और उसे सोमवार तक पूरे शहर की सड़कों की मौजूदा स्थिति और वाहन संचालन के लिए उपयुक्त सड़कों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। अदालत का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि सड़कों का रखरखाव किस विभाग या एजेंसी की जिम्मेदारी है।