पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर के चंदे और निर्माण में खर्च को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने चंदे का इस्तेमाल भाजपा और संघ के कार्यालय बनाने तथा चुनावी गतिविधियों में करने का दावा किया। सिंह ने 200-300 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी और 8 महीने के सीसीटीवी फुटेज डिलीट होने का आरोप भी लगाया। उन्होंने मंदिर निर्माण लागत में वृद्धि और 1989 के राम शिला पूजन के 1400 करोड़ रुपये का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की। इन आरोपों पर भाजपा मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार करते हुए दिग्विजय सिंह से सबूत सार्वजनिक करने को कहा है और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।