हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि न्याय पंचायत को सरकारी जमीन का मालिकाना हक किसी निजी व्यक्ति को देने का अधिकार नहीं है। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने सतना जिले के रघुराज नगर में 40 डिसमिल जमीन से जुड़ी 27 साल पुरानी अपील खारिज कर दी। यह जमीन 1959 में एक विस्थापित व्यक्ति को दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि सक्षम राजस्व अधिकारी ही सरकारी जमीन का वैध हस्तांतरण कर सकता है और लंबे समय तक कब्जे या न्याय पंचायत की अनुमति से निजी स्वामित्व नहीं मिलता।
इंदौर में सरकारी जमीन पर कब्जा कर अवैध कॉलोनियां बसाने वालों के खिलाफ प्रशासन अब अभियान तेज करेगा। कलेक्टर शिवम वर्मा ने टीएल बैठक में अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने और अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी रोक लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कार्रवाई के बाद दोबारा कब्जा न होने और अवैध कॉलोनियों के विकासकर्ताओं पर भी कार्रवाई के आदेश दिए। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के संतोषजनक समाधान और फायर सेफ्टी निरीक्षण के भी निर्देश दिए गए। लापरवाही मिलने पर आईडीए के संपदा अधिकारी व वर्ग-2 का पांच दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।