मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में 35 हजार से अधिक अवमानना प्रकरण लंबित हैं, जिससे लंबित मामलों के निराकरण की चुनौती जटिल हो गई है। आदेशों का पालन न होने पर पक्षकार दोबारा न्यायालय का रुख करते हैं, जिससे अतिरिक्त न्यायिक प्रक्रिया शुरू होती है। मार्च 2025 के अंत तक हाई कोर्ट में 4.71 लाख से अधिक प्रकरण लंबित थे। आदेशों के समय पर पालन न होने से न्यायालय के अतिरिक्त समय और संसाधनों की मांग बढ़ जाती है, जिससे मूल मामलों के निराकरण की गति प्रभावित होती है।