भारत और चीन के कोर कमांडरों ने रविवार को अरुणाचल प्रदेश के वाचा-दमाई में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से जुड़े मुद्दों के समाधान हेतु बैठक की। यह वार्ता ऊपरी सुबनसिरी जिले के ताकसिंग क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच तनाव की खबरों के बीच हुई। इससे पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता हुई थी। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार आनंद कुमार ने इसे महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अब बातचीत का उद्देश्य सीमा पर शीघ्र और ठोस प्रगति भी है।
भारतीय सेना चीन और पाकिस्तान सीमा पर तैनात जवानों के लिए 2,500 से अधिक लॉजिस्टिक्स ड्रोन खरीदने जा रही है। ये ड्रोन 20,000 फीट की ऊंचाई तक हथियार, राशन और दवाइयां पहुंचाने में सक्षम होंगे। यह पहल सियाचिन, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में तेजी से आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। सेना ने खरीद के लिए RFI जारी की है और ड्रोन विभिन्न ऊंचाई, तापमान और 10-20 किमी की दूरी पर काम कर सकेंगे। इनमें GPS, NavIC और एंटी-जैमिंग जैसी आधुनिक तकनीकें होंगी, जिससे सैन्य अभियानों की दक्षता बढ़ेगी।