ज्योतिर्लिंग श्रीमहाकालेश्वर मंदिर उज्जैन और ओंकारेश्वर में हालिया विवादों ने बड़े तीर्थ स्थलों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इन घटनाओं ने भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ व्यवहार प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया है। प्रसाद खरीदने के दबाव, पार्किंग, प्रवेश, दर्शन व्यवस्था और वीआईपी दर्शन के नाम पर अधिक वसूली जैसी शिकायतें सामने आई हैं। इन विवादों को कानून-व्यवस्था के बजाय तीर्थ प्रबंधन की व्यापक कमी माना जा रहा है। गुजरात के अंबाजी मंदिर और केंद्र की पर्यटन मित्र-पर्यटन दीदी पहल जैसे सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण मॉडल को समाधान के रूप में देखा जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।