मध्य प्रदेश सरकार ने गर्भवती महिलाओं के लिए एक नई योजना शुरू की है, जिसके तहत सरकारी अस्पतालों में सोनोग्राफी सुविधा उपलब्ध न होने पर उन्हें निजी सेंटरों में मुफ्त सोनोग्राफी की सुविधा मिलेगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत जारी निर्देशों के अनुसार, इसका पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। यह व्यवस्था डिजिटल और कैशलेस होगी, जिसमें ई-वाउचर प्रणाली, ओडीके ऐप पर ऑनलाइन रिपोर्टिंग और सुमन यूएसजी पोर्टल के माध्यम से निजी सेंटरों को प्रति केस 500 रुपये का भुगतान शामिल है। इस पहल का उद्देश्य मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करना है।
मध्य प्रदेश में गर्भवती महिलाओं को अब सरकारी अस्पतालों में सुविधा न मिलने पर निजी केंद्रों में मुफ्त सोनोग्राफी की सुविधा मिलेगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत यह नई व्यवस्था शुरू की है। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल और कैशलेस होगी, जिसका पूरा खर्च सरकार उठाएगी। सरकारी अस्पताल के डॉक्टर की सलाह पर ई-वाउचर के माध्यम से महिलाएं सात दिनों के भीतर किसी भी अधिकृत निजी सेंटर पर जांच करवा सकेंगी। इसका उद्देश्य समय पर बीमारियों की पहचान कर मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करना है।