पश्चिम मध्य रेलवे ने मंडल स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया है, जिसके तहत भोपाल और कोटा मंडल के मंडल वाणिज्यिक प्रबंधकों (डीसीएम) का परस्पर स्थानांतरण किया गया है। भोपाल के डीसीएम पंकज कुमार दुबे को कोटा भेजा गया है, जबकि कोटा के डीसीएम किशोर कुमार पटेल भोपाल आएंगे। यह बदलाव आगामी त्योहारी सीजन और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत यात्री सुविधाओं के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अतिरिक्त, भोपाल मंडल की अमृतसर-सीएसएमटी एक्सप्रेस 25 सितंबर तक ललितपुर में 5 मिनट रुकेगी।
मध्यप्रदेश सरकार ने लगभग 75 हजार शिक्षकों के प्रमोशन की राह आसान करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने 2005 और 2008 की संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-2 पात्रता परीक्षा को टीईटी के समकक्ष मान्यता देने की मांग की है। विभाग का तर्क है कि उस दौरान ली गई परीक्षा का प्रारूप और स्तर वर्तमान टीईटी के समान ही था। सरकार का कहना है कि यदि कोर्ट से राहत मिलती है, तो 2011 से पहले भर्ती हुए शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता साफ हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रदेश सरकार ने 7,500 प्राथमिक शिक्षकों को आपसी रजामंदी से स्कूल व जिला बदलने का मौका दिया है।
पशुपालन विभाग में हुए तबादलों को लेकर पशु चिकित्सकों और सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों में नाराजगी है। उन्होंने मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर तबादलों की जांच की मांग की। अधिकारियों का आरोप है कि स्थानांतरण नीति का पालन नहीं किया गया और प्रशासनिक आवश्यकता के नाम पर मनमानी से पोस्टिंग की गई। ज्ञापन में गंभीर बीमारी, दिव्यांगता और पति-पत्नी की पदस्थापना जैसी परिस्थितियों की अनदेखी का भी उल्लेख है। कुल 166 स्थानांतरण विवादों में हैं, जिनकी शासन जांच कर रहा है। स्थानांतरण अवधि के दौरान लखन पटेल विभाग के मंत्री थे, जिनसे हाल ही में यह विभाग वापस ले लिया गया है।