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ग्रामीण आबादी की परिसंपत्तियों की निश्शुल्क रजिस्ट्री के लिए स्वामित्व योजना शुरू, ₹3,800 करोड़ का शुल्क माफ

प्रदेश में ग्रामीण आबादी की परिसंपत्तियों की निश्शुल्क रजिस्ट्री के लिए गुरुवार से स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना शुरू हो गई है। इस योजना के तहत लगभग 3,800 करोड़ रुपये का रजिस्ट्री शुल्क माफ किया गया है, जिससे 50 लाख से अधिक परिसंपत्तियों को लाभ मिलेगा। पंचायत स्तर पर एक माह में तीन विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनकी निगरानी मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा की जाएगी। पटवारियों की आशंकाओं पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आश्वासन दिया है कि विवाद की स्थिति में जिम्मेदारी सरकार की होगी।

इंदौर से स्वामित्व अधिकार अभिलेख योजना-2026 का शुभारंभ, 50 लाख ग्रामीण परिवारों को मिलेगा संपत्ति का अधिकार

इंदौर से स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 का शुभारंभ किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुरू हुई इस योजना के तहत मध्य प्रदेश के 50 लाख ग्रामीण परिवारों को निःशुल्क संपत्ति अधिकार मिलेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में भाग लिया और तीन लाभार्थियों को दस्तावेज सौंपे। नितिन नवीन ने इसे स्वाभिमान और सुरक्षित भविष्य का अभियान बताया, जबकि मुख्यमंत्री यादव ने मध्य प्रदेश को ग्रामीण संपत्तियों के निःशुल्क पंजीयन का निर्णय लेने वाला पहला राज्य बताया। दोनों नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा।

स्वामित्व योजना की निःशुल्क रजिस्ट्री अटकी, पटवारी-तहसीलदारों ने उप पंजीयक की शक्तियां लेने से किया इनकार

स्वामित्व योजना के तहत निःशुल्क रजिस्ट्री 17 सितंबर से शुरू होने के बावजूद 72 घंटे बाद भी शुरू नहीं हो पाई है। पटवारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने उप पंजीयक की शक्तियां लेने से इनकार कर दिया है, जिससे प्रदेश के 55 जिलों में रजिस्ट्री का आंकड़ा शून्य है। आयुक्त भू-अभिलेख निधि निवेदिता ने संघ प्रतिनिधियों से मुलाकात की, जहां अधिकारियों ने कानूनी मामलों में फंसने और त्रुटि सुधार के स्पष्ट रास्ते न होने जैसी आपत्तियां उठाईं। आयुक्त ने आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाया जाएगा, लेकिन तब तक काम शुरू करने का आग्रह किया।