नेमावर केश: झुकी सरकार ,अब आगे सीबीआई (cbi) करेगी जांच ।

रीवा में बरसाती नाले ने ​उगली लाश:गणपति विसर्जन करते समय डूबे बालक का तीन दिन बाद मिला शव
रीवा में बरसाती नाले ने ​उगली लाश:गणपति विसर्जन करते समय डूबे बालक का तीन दिन बाद मिला शव

प्रदेश सरकार ने चर्चित नेमावर हत्याकांड की जांच सीबीआई (cbi)को सौंपने का फैसला किया है। प्रेम प्रसंग के चलते आदिवासी परिवार के पांच सदस्यों की हत्या कर उनकी लाशों को 10 फीट गहरे गड्ढे में दफन कर दिया गया था। मामला 13 मई का है। जुलाई में इसका खुलासा हुआ था। पीड़ित परिवार सीबीआई जांच की मांग कर रहा था। जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस), गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (जीजीपी) और कांग्रेस के नेता भी इस मसले पर राज्य सरकार को घेरने की कोशिश में थे।

और पढ़े ….

पुलिस ने खोई बच्ची परिवार को सौप दी क्रिसमस की बधाई।

न्याय यात्रा निकालने कि थी योजना

सोशल मीडिया पर पीड़ित परिवार सीबीआई जांच को लेकर अभियान चला रखा था। मृतक परिवार की ही सदस्य भारती कास्डे 1 जनवरी को नेमावर से भोपाल तक न्याय यात्रा निकालने वाली थी। सोशल मीडिया पर न्याय यात्रा के प्रचार में जयस के कार्यकर्ता भी शामिल थे।

नेमावर हत्याकांड क्या है?

देवास जिले के नेमावर में 17 मई 2021 को भारती कास्डे ने अपनी बहन रूपाली उम्र 21 वर्ष, ममता उम्र 45 वर्ष, दिव्या उम्र 14 वर्ष, पूजा उम्र 15 वर्ष और पवन उम्र 14 वर्ष के गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाई थी। 27 मई 2021 को इस मामले में केस दर्ज हुआ। पुलिस ने 30 जून 2021 को मनोज कोरकू को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि पांचों को 13 मई को खेत पर बुलाकर हत्या की गई थी। इसके बाद 10 फीट गहरे गड्ढे में उनकी लाश को ठिकाने लगा दिया गया। इस खुलासे के बाद राजनीति गरमा गई थी। आदिवासी महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर जयस, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और कांग्रेस सरकार को घेर रही है।

नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था पुलिस ने =

पुलिस ने सुरेंद्र, उसके भाई वीरेंद्र, विवेक तिवारी, मनोज कोरकू, करण कोरकू, राजकुमार को 30 जून को गिरफ्तार किया था। इस मामले में राकेश निमाड़े, धर्मेंद्र और अरविंद कोरकू को सह-आरोपी बनाया गया है।

और पढ़े …वारंटियों की आई शामत,12 एवं 5 वर्ष से फरार चल दो को पुलिस ने किया गिरफ्तार

क्या है पूरे मामले की Time Line ? ..

13 मई को लापता हुआ था परिवार13 मई, गुरुवार की रात को नेमावर कस्बे से आदिवासी परिवार के पांच सदस्य ममता (45), रूपाली (21), दिव्या (14), पूजा (15) और पवन (14) अचानक लापता हो गए. इस संबंध में थाने में शिकायत की गई. पुलिस लापताओं को तलाशने की गुत्थी को सुलझाने में जुटी हुई थी, लेकिन पुलिस के हाथ कोई पुख्ता सबुत नहीं लग पा रहे थे. पुलिस लगातार टेक्नोलॉजी की मदद से तलाश में जुटी थी. इस बीच रूपाली की लोकेशन ट्रेस होने से पुलिस के हाथ सुराग लगा।

29 जून को आठ फिट गहरे गड्ढे से मिली लाशपुलिस ने ठीक 48 दिन बाद 29 जून को मेला रोड स्थित एक खेत के गड्ढे से पांच नर कंकाल बरामद किए. इलाके में कंकाल मिलने से दहशत का माहौल बन गया और आवाज प्रदेश के मुखिया तक पहुंची. आदिवासी परिवार के पांचों सदस्य आरोपियों ने आठ फीट गहरे गड्ढे में गाड़ दिए थे. पुलिस ने जेसीबी की मदद से सभी कंकालों को बाहर निकाला. यही नहीं आरोपियों ने शवों को गलाने के लिए नमक तक डाला था.हत्याकांड में मुख्य आरोपी सुरेंद्र का नामइस हत्याकांड में मुख्य आरोपी सुरेंद्र है. दरअसल, रूपाली का सुरेंद्र से प्रेम प्रसंग था. जबकि सुरेंद्र की कहीं और शादी तय हो गई थी. इस बीच प्रेमिका सुरेंद्र को तंग करने लगी. इसी के चलते सुरेंद्र ने उसे रास्ते से हटाने के लिए युवती सहित उसके परिवार की हत्या अपने साथियों के साथ मिलकर कर दी और जमीन में गाड़ दिया.मामले में अब तक क्या हुआ थासीएम शिवराज सिंह चौहान ने नेमावर हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार के लिए 41 लाख 25 हजार की सहायता राशि का ऐलान कर चुके हैं. सीएम के निर्देश पर इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Court) में ले जाया गया, और अब 9 लोगों को अरोपी बनाते हुए CBI जांच के आदेश हो गये हैं.आरोपियों के मकान-दुकान पर चला बुल्डोजरनेमावर हत्या कांड को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी सुरेंद्र सिंह और उसके भाई वीरेंद्र के मकान और दुकानों पर प्रशासन ने जीसीबी से ध्वस्त कर दिया गया है. इसके अलावा वार्ड नंबर-14 में दूसरे आरोपी विवेक के पैतृक घर को भी प्रशासन ने ढहा दिया.