बुलंद सोच, देवास।

जापान में 19 सितंबर से आयोजित होने वाले एशियन गेम्स के लिए मध्य प्रदेश के देवास की माही वर्मा का भारतीय नौकायन दल में चयन हुआ है।
मध्य प्रदेश वाटर स्पोर्ट्स एकेडमी से जुड़ीं 16 वर्षीय माही यह उपलब्धि हासिल करने वाली जिले की दूसरी खिलाड़ी हैं। इससे पहले देवास की नेहा ठाकुर भी एशियन गेम्स में रजत पदक जीत चुकी हैं।
माही ने छह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया है और दो कांस्य पदक जीते हैं।
माही के पिता योगेंद्र वर्मा मैकेनिकल इंजीनियर हैं, और उनकी मां एक एनजीओ में काउंसलर के रूप में कार्यरत हैं। उनकी मौसी आरती सेन अंतरराष्ट्रीय साफ्टबाल खिलाड़ी रह चुकी हैं।
माही ने सेलिंग स्पोर्ट्स को अपनी प्रेरणा के रूप में चुना और वर्ष 2022 में एकेडमी ज्वाइन की थी। कोच जीएल यादव ने बताया कि एशियन गेम्स के लिए मध्य प्रदेश से चयनित सात खिलाड़ियों में माही सबसे कम उम्र की हैं। उन्होंने यह उपलब्धि महज चार साल में हासिल की है।
माही एशियन गेम्स के साथ-साथ कॉमनवेल्थ और ओलंपिक गेम्स में भी देश का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीतना चाहती हैं। नईदुनिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में सेलिंग ज्वाइन करते समय ही उनका लक्ष्य स्पष्ट था। उन्होंने यह भी बताया कि वे पांच साल की उम्र से स्विमिंग करती थीं। माही को सेलिंग पसंद है क्योंकि यह आत्मविश्वास और साहस का खेल है। उन्होंने एशियन गेम्स के लिए खुद को बहुत उत्साहित और आत्मविश्वासी बताया।
माही पढ़ाई में भी अव्वल हैं। जेन जी के बारे में उन्होंने कहा कि जेन जी की सोचने की प्रक्रिया अलग है। वे बाकी लोगों से अलग सोचते हैं, इसलिए पुरानी सोच के लोगों को पसंद नहीं आते। हालांकि, परंपराओं और संस्कृति को लेकर उनके विचार ठीक नहीं हैं।

