बुलंद सोच, ग्वालियर।

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) के विरोध में ग्वालियर की राजनीति गर्मा गई है। इस कार्रवाई से आक्रोशित शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताते हुए मंगलवार को शहर के ऐतिहासिक फूलबाग चौराहे पर स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठकर उपवास एवं विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। यह प्रदर्शन दोपहर में शुरू होगा।

इसमें ग्वालियर शहर कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेताओं, विधायक, पूर्व विधायकों और ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ताओं सहित भारी संख्या में कांग्रेसी शामिल होंगे।
विरोध का गांधीवादी तरीका
कांग्रेस पदाधिकारियों के अनुसार, 29 अगस्त को राहुल गांधी द्वारा दिए गए राजनीतिक बयान के बाद जिस तरह से पुलिस प्रशासन ने एफआईआर दर्ज की है, वह लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी पर सीधा हमला है।

इस पूरे मामले का रणनीतिक विश्लेषण करने के बाद शहर कांग्रेस कमेटी ने आक्रामक प्रदर्शन की बजाय गांधीवादी तरीके से विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया है। प्रदर्शन के दौरान सभी नेता और कार्यकर्ता गांधी प्रतिमा के समक्ष मौन उपवास पर बैठेंगे।
इस दौरान “रघुपति राघव राजा राम, सबको सम्मति दे भगवान” का जाप किया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि वे इस भजन के जरिए सत्ता में बैठे लोगों की सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना करेंगे।
सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप
शहर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि 29 अगस्त के मामले में राहुल गांधी ने केवल जनता के मुद्दों और देश के सामने मौजूद सच्चाइयों को उजागर किया था। सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए विपक्षी नेताओं पर मुकदमे दर्ज कराकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
ग्वालियर कांग्रेस इस तानाशाही का पुरजोर विरोध करेगी और जब तक यह एफआईआर वापस या निरस्त नहीं होती, तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
फूलबाग चौराहे पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जुटने की संभावना को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। चौराहे और गांधी प्रतिमा के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि आम यातायात प्रभावित न हो और कानून व्यवस्था बनी रहे।

