कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग की। उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद में अपना रुख बनाए रखेगा और विरोध जारी रखेगा। पत्रकारों से बात करते हुए खरगे ने कहा कि वे वही करते रहेंगे जो अब तक करते आ रहे हैं। विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और ‘अमित शाह जवाब दो’ के नारे लगाए, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी और अन्य राज्यों में छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग का मुद्दा उठाया गया।
ग्वालियर के तानसेन रोड पर गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक बेकाबू ट्रक ने 25 वर्षीय युवक विशाल को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शर्मनाक पहलू यह रहा कि मृतक का शव करीब डेढ़ घंटे तक सड़क पर पड़ा रहा, क्योंकि न तो एंबुलेंस और न ही पुलिस समय पर पहुंची। मदद न मिलने से गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर दिया। पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों ने रात में भारी वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही पर चिंता जताई है।
मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन ने सरकार की नई स्टेज कैरिज परिवहन नीति के विरोध में 7 अगस्त की रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। इस हड़ताल से जबलपुर से संचालित होने वाली 500 से अधिक बसों सहित प्रदेशभर की सेवाएं प्रभावित होंगी, जिससे मंडला, भोपाल, इंदौर जैसे विभिन्न जिलों के यात्रियों को असुविधा होगी। बस संचालकों का कहना है कि यह नीति निजी बस व्यवसाय को समाप्त कर देगी और हजारों रोजगारों पर संकट खड़ा करेगी। उनकी प्रमुख मांगों में नीति की वापसी और बस किराए में वृद्धि शामिल है।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कुशवाह समाज पर की गई अपनी टिप्पणी के लिए लिखित माफीनामा पेश किया है। उन्होंने एक सम्मेलन में कहा था कि कुशवाह समाज बीच-बीच में गुलाटी मार जाता है, जिससे समाज की विश्वसनीयता खंडित हुई है। इस बयान के बाद कुशवाह समाज ने सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन किया और जौरा में तोमर का पुतला भी फूंका। तोमर के माफीनामे के बाद यह विवाद शांत हो गया।
दिल्ली में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध मार्च निकाला। यह प्रदर्शन 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ‘पुलिस कार्रवाई’ को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विरोध में किया गया। सांसदों ने गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक मार्च किया। कांग्रेस सांसदों ने गृह मंत्री से संसद में घटना पर बयान देने और जवाबदेही तय करने की मांग की। शिव सेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने गृह मंत्री की सदन में अनुपस्थिति पर सवाल उठाए।
रतलाम में सोमवार को हिंदू समाज के लोगों ने मौलाना जर्जिस अंसारी के विवादित बयानों के विरोध में प्रदर्शन किया। मौलाना ने भगवान शिव, भगवान ब्रह्मा और पहले भगवान श्रीकृष्ण पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। मित्र निवास रोड पर कांवड़ यात्रा के स्वागत से पहले मौलाना के फोटो वाले पोस्टर लगाए गए, जिन पर ‘मुर्दाबाद’ लिखा था। बिलपांक स्थित विरुपाक्ष महादेव मंदिर जा रहे कांवड़ यात्रियों ने ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाते हुए इन पोस्टरों के ऊपर से गुजरकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान मौलाना के खिलाफ कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर रखी।
मध्य प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों ने भोपाल में अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में लगभग 1500 कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 17 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा और 26 अक्टूबर को दो लाख कर्मचारी भोपाल में मंत्रालय का घेराव करेंगे। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा, न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा शामिल हैं।
प्रसिद्ध लेखक अमीश त्रिपाठी ने कहा है कि जेन-जी को विरोध प्रदर्शन का पूरा लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन यह हमेशा संविधान की सीमाओं के भीतर होना चाहिए। पुणे में अपनी नई बाल पुस्तक ‘ध्रुव-तारा: द ग्रेट इंडियन हिस्ट्री क्विज’ के प्रचार के दौरान उन्होंने कहा कि हर पीढ़ी ने आंदोलन किए हैं, इसलिए केवल जेन-जी को दोष देना उचित नहीं है। अमीश ने डॉ. आंबेडकर के ‘ग्रामर ऑफ अनार्की’ का जिक्र करते हुए संविधान की सर्वोच्चता पर जोर दिया। उन्होंने भारतीय इतिहास पढ़ाने के तरीके में बदलाव और औपनिवेशिक सोच को हटाने की भी बात कही, जिसका उनकी नई पुस्तक के माध्यम से प्रयास किया गया है।
सरकार की केवल 25 प्रतिशत मूंग खरीदने की नीति के विरोध में किसानों ने सोमवार को भोपाल की ओर कूच किया। प्रशासन द्वारा जगह-जगह अवरोध लगाने और किसान नेताओं को अस्थायी जेलों में नजरबंद करने के बावजूद किसानों ने बैरिकेड्स तोड़ दिए और आगे बढ़े। नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर एकत्रित होने के बाद किसानों ने पैदल यात्रा शुरू की, जिसका लक्ष्य बुधवार को मुख्यमंत्री निवास का घेराव करना है। नर्मदापुरम और बुधनी में पुलिस से संघर्ष के बाद किसान भोपाल की ओर बढ़ते रहे। इस आंदोलन में 13 किसान संगठन शामिल हैं।
वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में दो घंटे का मौन आंदोलन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई और मामले में हस्तक्षेप की अपील की। अन्ना हजारे ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि इससे सरकार कमजोर नहीं होगी, बल्कि जवाबदेही बढ़ेगी। उन्होंने सरकार से बल प्रयोग के बजाय छात्रों से सीधे बातचीत कर समाधान निकालने का भी आग्रह किया।