हाई कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि विवादित वसीयत के आधार पर राजस्व अधिकारी भूमि का नामांतरण नहीं कर सकते। न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा की एकलपीठ ने बैतूल के एक मामले में यह आदेश दिया, जिसमें याचिकाकर्ताओं ने 1989 की कथित वसीयत पर नामांतरण का दावा किया था। प्रतिवादियों ने वसीयत को फर्जी बताते हुए चुनौती दी थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वसीयत की वैधता पर विवाद होने पर पक्षकारों को अपने अधिकारों की घोषणा के लिए सिविल कोर्ट जाना होगा, क्योंकि राजस्व अधिकारियों को ऐसे मामलों में फैसला करने का अधिकार नहीं है। बोर्ड आफ रेवेन्यू द्वारा पूर्व में पारित नामांतरण आदेशों को निरस्त करना उचित था।