सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ छात्र प्रदर्शन के आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दी है। याचिकाकर्ताओं ने आयोजकों पर हिंसा भड़काने और भड़काऊ बयान जारी रखने का आरोप लगाया है। इसके अतिरिक्त, याचिका में प्रदर्शन के बाद दर्ज प्राथमिकियों और गिरफ्तारियों के संबंध में एक समान राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग की गई है। सोशल मीडिया पर अभद्र सामग्री पोस्ट करने वाले नाबालिगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के बजाय न्यूनतम सात दिन की सामुदायिक सेवा कराने की भी अपील की गई है। कोर्ट ने मामले को जल्द सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है।