बुलंद सोच, भोपाल।

कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि अगले तीन महीने में भोपाल और इंदौर का मास्टर प्लान जारी नहीं हुआ, तो पार्टी कार्यकर्ता इंदौर से भोपाल तक पदयात्रा निकालेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने यह बात कही है। पटवारी ने दावा किया कि इस पदयात्रा में 50 हजार लोगों को शामिल करने का लक्ष्य रखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पदयात्रा केवल मास्टर प्लान की मांग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रदेश में बेतरतीब विकास और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जनआंदोलन का रूप भी लेगी।
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के उपवास में शिरकत
पटवारी ने भोपाल के रोशनपुरा चौराहे स्थित जवाहर भवन के सामने पूर्व मंत्री पीसी शर्मा द्वारा मास्टर प्लान लागू करने की मांग को लेकर किए जा रहे 31 घंटे के उपवास में शामिल होने के बाद ये बातें कहीं। पटवारी ने कहा कि मास्टर प्लान न होने के कारण भोपाल और इंदौर शहरों का व्यवस्थित तरीके से विकास नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि इसका सीधा नुकसान आम जनता और व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। कांग्रेस ने घोषणा की है कि वह जनता और व्यापारियों की आवाज बनकर सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। इस अवसर पर विधायक नितेंद्र राठौर और विजय चौरे, प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव सिंह, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी सेंतिया, भोपाल शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
राहुल गांधी के कार्यक्रम शुल्क पर आपत्ति
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने पार्टी नेता राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में होने वाले कार्यक्रम के लिए मैदान का 10 लाख रुपये शुल्क लिए जाने पर भी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले ऐसे नेता प्रतिपक्ष हैं, जो किसी गैर-राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे हैं। पटवारी ने बताया कि उनका कार्यक्रम छात्रों और युवाओं से संवाद का है, जिसमें बड़ी संख्या में युवा शामिल होकर अपनी बात रखेंगे। कांग्रेस ने राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए मैदान के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) को 10 लाख रुपये चुकाए हैं। पटवारी ने सरकार से अपील की कि वह राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक परंपराओं और युवाओं की भावनाओं का सम्मान करे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वे नेता प्रतिपक्ष के रूप में भोपाल आते थे, तब कांग्रेस सरकार उन्हें कार्यक्रम की अनुमति देती थी और स्वयं भी उनके कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें सुनती थी।

