बुलंद सोच, ग्वालियर।

अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ ही ग्वालियर में गर्मी के तेवर तीखे नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक रहा।
ग्वालियर प्रदेश में दूसरा सबसे गर्म शहर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, 37 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ धार प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। ग्वालियर का पारा भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा और सतना जैसे बड़े शहरों से ज्यादा दर्ज किया गया।
शहर का न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिनभर तेज धूप और उमस के कारण लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ा। पिछले 24 घंटे में शहर में वर्षा नहीं हुई, जिससे वातावरण में नमी तो बनी रही, लेकिन बादलों की अनुपस्थिति ने गर्मी बढ़ा दी।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की विदाई के बाद फिलहाल उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं का प्रभाव नहीं बन पाया है। इसी कारण दिन के तापमान में अपेक्षित गिरावट नहीं आ रही। अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
हालांकि, रात के तापमान में धीरे-धीरे कमी आ सकती है, जिससे सुबह और देर रात हल्की ठंडक महसूस होने लगेगी। शहरवासियों को अभी कुछ दिन और गर्मी झेलनी पड़ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में मौसम का मिजाज बदलेगा और सर्दी की दस्तक महसूस होने लगेगी।
इस बार मानसून की विदाई के बाद भी तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे उत्तर भारत में पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी हवाएं सक्रिय होंगी, ग्वालियर-चंबल अंचल में रात का तापमान तेजी से गिरेगा और अक्टूबर के मध्य से सर्दी का असर दिखने लगेगा।

