बुलंद सोच, ठाणे।
महाराष्ट्र के ठाणे में शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के बाद उनके परिवार ने स्थानीय राजनीतिक दबाव की आशंका जताते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है। इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पूर्णेकर के परिवार ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता विधायक संजय केलकर और विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) निरंजन डावखरे से मुलाकात की। इस मुलाकात में उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ एक बैठक कराने का आग्रह किया, ताकि राजनीतिक दबाव से मुक्त एक निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।
पूर्णेकर की पत्नी और बेटे ने दोषियों को मौत की सजा दिए जाने और राजनीतिक पदों पर बैठे संदिग्धों को तुरंत हटाने की मांग की। उन्होंने सीबीआई से मामले में शामिल होने और हमले के पीछे की बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने की अपील की।
घटनाक्रम और जांच
शिवसेना (यूबीटी) के ठाणे डिविजन प्रमुख पूर्णेकर को 29 सितंबर की रात कपूरबावड़ी पुलिस स्टेशन के इलाके में गोली मारी गई थी और धारदार हथियार से भी हमला किया गया था। इसके बाद उन्हें पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
सामने आई जानकारी के अनुसार, आरोपियों में से एक निखिल यादव, जो पूर्णेकर के घर के पास खाने-पीने का स्टॉल चलाता था, ने रेकी की थी। उसने शिवसेना (यूबीटी) नेता के शेड्यूल, आने-जाने और भागने के रास्तों पर बारीकी से नजर रखी थी।
पुलिस ने पहले पप्पू शिंदे को गिरफ्तार किया था, जो पूर्णेकर का करीबी था और हमले के समय उनके कार्यालय में ही मौजूद था। उस पर शूटरों को लॉजिस्टिकल मदद देने का संदेह है।
एक अधिकारी ने बताया कि क्राइम ब्रांच इस बात की जांच कर रही है कि यादव ने हथियारों का प्रशिक्षण कहां से लिया, हथियार किसने सप्लाई किए और क्या कॉन्ट्रैक्ट के पैसे दिए गए थे।
राजनीतिक आरोप और खंडन
पूर्णेकर के परिवार ने ठाणे की पूर्व मेयर और शिवसेना (शिंदे गुट) की नेता मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे पर साजिश रचने का आरोप लगाया था।
हालांकि, मीनाक्षी शिंदे ने शुक्रवार को हत्या के मामले से अपना नाम जोड़ने की कोशिशों को खारिज करते हुए कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं।

