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2026-10-17

इंदौर में अवैध होर्डिंग पर हाईकोर्ट के आदेश बेअसर

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, इंदौर।

हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद इंदौर शहर में अवैध होर्डिंग्स का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर के कई प्रमुख चौराहों पर अवैध होर्डिंग लगे हुए हैं, जो यातायात को बाधित करने के साथ-साथ हादसों को भी न्योता दे रहे हैं। हाईकोर्ट अवैध और खतरनाक होर्डिंग, पोस्टर, बैनर को लेकर कई बार नाराजगी जता चुका है।

सामाजिक कार्यकर्ता पर हमला और निगम की कार्रवाई

शहर में अराजकता की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले दिनों एक विधायक के समर्थकों ने एक सामाजिक कार्यकर्ता को बुरी तरह पीट दिया था। सामाजिक कार्यकर्ता ने विधायक समर्थकों द्वारा चौराहा पर नियम विरुद्ध लगाए गए पोस्टर, बैनर, फ्लैक्स का विरोध करते हुए वीडियो रील बनाई थी। एफआईआर दर्ज कराने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता को नौ दिन तक रीगल तिराहे पर भूख हड़ताल करनी पड़ी थी। इस घटना के बाद नगर निगम ने कुछ जगहों पर कार्रवाई कर फ्लैक्स और बैनर हटाए, लेकिन उनके ढांचे आज भी वैसे ही खड़े हैं।

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नाईदुनिया टीम का जमीनी दौरा

रविवार को नईदुनिया की टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर वास्तविकता जानी, जिसमें मरीमाता चौराहा और महू नाका चौराहा सहित कई जगहों पर स्थिति अब भी नहीं सुधरी है। मरीमाता चौराहा पुलिस पेट्रोल पंप से लेकर मरीमाता चौराहे के आगे तक अवैध होर्डिंग लगे थे। विरोध के बाद नगर निगम ने पोस्टर और बैनर तो हटा दिए, लेकिन पाइप और बांस के ढांचे तथा गेट आज भी मौजूद हैं। लगभग यही स्थिति चौराहे पर लगे यातायात सिग्नल की है, जिसे पूरी तरह से बांस की बल्लियों और पाइप से ढांक दिया गया है। मालवा मिल चौराहा पर भी बड़े-बड़े फ्लैक्स और होर्डिंग टंगे हुए हैं।

कबीटखेड़ी, जय अंबे नगर मेन रोड और सुखलिया में जन्माष्टमी और चतुर्थी बीत जाने के बाद भी गणेश विसर्जन के पोस्टर सड़क किनारे व पेड़ों पर लगे हुए हैं। मित्र मंडलों के अवैध पोस्टर और बैनर अभी भी लगे हुए हैं। इन पोस्टर-बैनरों पर आयोजकों ने राजनीतिक प्रभाव दिखाने के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक रमेश मेंदोला और प्रभारी महापौर राजेंद्र राठौर का फोटो भी लगा रखा है। विजय नगर मेन रोड पर कृष्णा दूध डेयरी के पास बने मंदिर की दीवार पर कृष्ण जन्माष्टमी का पोस्टर लगा है। क्षेत्र में निगम के कई अधिकारी रहते हैं और वे दिन-रात यहां से गुजरते हैं, बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।

पूर्व में हो चुका है हादसा

अवैध होर्डिंग की वजह से शहर में कई हादसे हो चुके हैं। पिछले दिनों पाटनीपुरा चौराहा पर लगे अवैध होर्डिंग गिरने से एक युवक घायल भी हो चुका है। इसके बावजूद न तो होर्डिंग लगाने वालों पर और न ही आयोजकों पर कोई कार्रवाई हुई है।

अवैध होर्डिंग पर हाईकोर्ट के निर्देश

हाईकोर्ट में एक एडवरटाइजिंग एजेंसी ने याचिका प्रस्तुत की थी, जिसमें कहा गया था कि वे नगर निगम को निर्धारित शुल्क और भारी राजस्व का भुगतान कर विधिवत अनुमति प्राप्त यूनिपोल, लालीपाप और अन्य आउटडोर स्ट्रक्चर संचालित करते हैं। हालांकि, विभिन्न अवसरों पर इन स्ट्रक्चर पर बिना अनुमति राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक बैनर लगा दिए जाते हैं, जिससे स्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचता है। कोर्ट ने याचिका का निराकरण करते हुए आदेश दिया था कि अवैध होर्डिंग लगाने वालों के विरुद्ध आउटडोर मीडिया रूल्स 2017 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए।

अवैध होर्डिंग की परिभाषा

आउटडोर मीडिया रूल्स के तहत अवैध पोस्टर, बैनर, होर्डिंग की परिभाषा में खंभों, पेड़ों या डिवाइडरों पर बिना अनुमति टांगे गए फ्लैक्स, पोस्टर और कटआउट शामिल हैं। इसमें रजिस्टर्ड चार्टर्ड/स्ट्रक्चरल इंजीनियर के सुरक्षा प्रमाण-पत्र के बिना लगाए गए स्ट्रक्चर भी आते हैं। ऐतिहासिक धरोहरों, राजभवन, हाईकोर्ट और धार्मिक स्थलों के प्रतिबंधित दायरे में लगे स्ट्रक्चर भी अवैध माने जाते हैं। ट्रैफिक सिग्नल, चौराहे या संवेदनशील मोड़ के पास लगी तेज रोशनी या झिलमिलाती स्क्रीन भी अवैध हैं। इसके अतिरिक्त, ट्रैफिक लाइट, रोड साइन बोर्ड या दिशा-सूचक बोर्ड छिपाने वाले स्ट्रक्चर, फुटपाथ, सर्विस रोड या रोड डिवाइडर पर पैदल यात्रियों का रास्ता रोककर लगाए गए यूनिपोल व बोर्ड, निर्धारित आकार से बड़े फ्रेम या हवा के दबाव/वजन के मानकों का उल्लंघन करने वाले स्ट्रक्चर और बिना अनुमति तथा तय प्रक्रिया का पालन किए बिना लगाए गए सभी स्ट्रक्चर अवैध की श्रेणी में आते हैं।

अधिकारियों के बयान

नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल से अवैध होर्डिंग और कार्रवाई न होने के संबंध में सवाल पूछे जाने पर उन्होंने जवाब दिया कि रिमूवल टीम कार्रवाई करती है। हाईकोर्ट के आदेश के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि उनकी टीमें लगातार कार्रवाई करती हैं, लेकिन कई बार पुलिस का सहयोग नहीं मिलता, जिससे कार्रवाई बाधित होती है। उन्होंने कहा कि रिमूवल टीम को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं और इस पर निगरानी रखी जाएगी तथा और सख्ती की जाएगी।

इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन और नगर निगम के समन्वय से अवैध होर्डिंग, पोस्टर, बैनर के विरुद्ध सतत कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि अवैध पोस्टर, बैनर, होर्डिंग शहर के यातायात को बिगाड़ने के साथ-साथ दुर्घटना की आशंका भी उत्पन्न करते हैं, इसलिए इन्हें हटना ही चाहिए और इस बारे में और सख्ती की जाएगी।

न्यायालय के पूर्व के निर्देश

मार्च 2026 में हाईकोर्ट ने निर्देश दिए थे, जिसमें इंदौर नगर निगम कमिश्नर को यह पता लगाने के लिए कहा गया था कि नियमों के विरुद्ध सड़क के डिवाइडर और फुटपाथ पर कौन-से होर्डिंग्स लगाए गए हैं। कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि प्रशासनिक लापरवाही और अनदेखी के कारण नियमों के प्रावधानों को अर्थहीन नहीं बनाया जा सकता। जुलाई 2026 में हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने शहर में अवैध राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक बैनर-होर्डिंग के मामलों में कड़ा रुख अपनाते हुए 24 घंटे के भीतर अवैध होर्डिंग हटाने के निर्देश दिए थे।

प्रमुख मार्गों पर अवैध होर्डिंग की स्थिति

महू नाका चौराहा, अन्नपूर्णा रोड और जवाहर मार्ग पर अवैध होर्डिंग, बैनर और पोस्टर नजर आ रहे हैं, लेकिन नगर निगम आयोजकों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। दशहरा मैदान के सामने और रणजीत हनुमान मंदिर के पास गरबा महोत्सव के अवैध पोस्टर लगे हुए हैं। महू नाका चौराहे पर यातायात पुलिस और पुलिस के आला अधिकारियों के कार्यालयों के पास ही दुकानों के ऊपर अवैध होर्डिंग लगे हैं। इन दुकानों पर सुबह से रात तक ग्राहकों का आना-जाना लगा रहता है और इनके गिरने से किसी भी ग्राहक को गंभीर चोट लग सकती है।

वहीं, जवाहर मार्ग पर कई स्थानों पर अवैध बैनर-पोस्टर लगे हुए हैं, जो बंबई बाजार, मोहनपुरा से लेकर तारकेश्वर महादेव मंदिर तक दुकानों के दोनों तरफ दिखाई दे रहे हैं। जवाहर मार्ग से सुबह से रात तक हजारों वाहनों का आवागमन होता है और इनके गिरने के कारण कोई भी वाहन चालक गंभीर हादसे का शिकार हो सकता है, जिससे जान भी जा सकती है।