सुप्रीम कोर्ट ने बोफोर्स मामले में हिंदुजा ब्रदर्स को बरी करने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के 2005 के फैसले के खिलाफ दायर अंतिम अपील को खारिज कर दिया है। इस फैसले के साथ ही लगभग 40 साल से चला आ रहा बोफोर्स कांड का कानूनी अध्याय अब हमेशा के लिए बंद हो गया है। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस विनोद के. चंद्रन की बेंच ने याचिकाकर्ता की स्थगन की मांग को ठुकराते हुए यह निर्णय दिया। सीबीआई की 2018 की अपील भी देरी के आधार पर खारिज हो चुकी थी। यह मामला 1986 के रक्षा सौदे से जुड़ा था।