मध्य प्रदेश में दीनदयाल जन आजीविका योजना-शहरी (DJAY-S) के तहत युवाओं के ऋण आवेदन खारिज होने की दर देश में सर्वाधिक रही है। 284 से अधिक आवेदनों में से 138 सीधे अस्वीकृत कर दिए गए। युवाओं ने ₹15.83 करोड़ के ऋण की मांग की थी, लेकिन केवल ₹84.1 लाख (5.3%) का ही वितरण हो सका। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) में भी मध्य प्रदेश को बड़ा झटका लगा है, जहां वित्तीय वर्ष 2021-22 में ₹209.58 करोड़ की मार्जिन मनी सब्सिडी घटकर वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹84.29 करोड़ रह गई है।