सरकार के यूपीआई भुगतान पर कर लगाने के प्रस्ताव से खुदरा बाजार और व्यापारियों में चिंता है। उनका मानना है कि त्योहारों से पहले यह नियम लागू होने पर बिक्री प्रभावित होगी। हालांकि, थोक बाजार इसे नकदी व्यापार बढ़ाने के अवसर के रूप में देख रहा है। वित्त विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति घटाएगा और यूपीआई का उपयोग कम करेगा, जिससे ऑनलाइन खरीदारी भी प्रभावित होगी। व्यापारियों का कहना है कि इससे उनकी व्यावसायिक लागत बढ़ेगी और अंततः बोझ उपभोक्ताओं पर ही आएगा।