रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में 26 अगस्त को प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। मृतका के पिता के समर्थकों ने बीहर नदी के तट पर अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह शुरू कर दिया है। आंदोलनकारी दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि विभागीय कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। समर्थकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती, जल सत्याग्रह जारी रहेगा। यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
उज्जैन में शिप्रा नदी की आरती को लेकर तीर्थ पुरोहितों और महाकाल मंदिर समिति के बीच विवाद छिड़ गया है। यह विवाद समिति द्वारा अपने वैदिक प्रशिक्षण संस्थान के 21 बटुकों से आरती कराने के बाद शुरू हुआ। तीर्थ पुरोहित इसे अपनी 500 वर्ष पुरानी परंपरा का हनन बता रहे हैं और उन्होंने जल सत्याग्रह भी किया। मंदिर समिति का कहना है कि यह आयोजन निःशुल्क है और इसका उद्देश्य वैदिक शिक्षा को सम्मान दिलाना है, जिसमें वे पुरोहितों की परंपराओं में हस्तक्षेप नहीं कर रहे हैं।