उज्जैन में शिप्रा नदी की आरती को लेकर तीर्थ पुरोहितों और महाकाल मंदिर समिति के बीच विवाद छिड़ गया है। यह विवाद समिति द्वारा अपने वैदिक प्रशिक्षण संस्थान के 21 बटुकों से आरती कराने के बाद शुरू हुआ। तीर्थ पुरोहित इसे अपनी 500 वर्ष पुरानी परंपरा का हनन बता रहे हैं और उन्होंने जल सत्याग्रह भी किया। मंदिर समिति का कहना है कि यह आयोजन निःशुल्क है और इसका उद्देश्य वैदिक शिक्षा को सम्मान दिलाना है, जिसमें वे पुरोहितों की परंपराओं में हस्तक्षेप नहीं कर रहे हैं।