BREAKING NEWS
2026-08-14

फौजी की बहन की हत्या: आरोपी पति के राजनीतिक पहुंच से केस बिगाड़ने का आरोप

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, मुरैना।

सेना में कार्यरत कुलदीप सिंह तोमर और प्रदीप सिंह तोमर ने पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना की जनसुनवाई में शिकायत की। उन्होंने बताया कि उनकी इकलौती बहन रानी सिकरवार की उसके फौजी पति सोहन सिकरवार ने नशे की हालत में गोली मारकर हत्या कर दी है। कोंथरकला निवासी भाइयों ने आरोप लगाया कि आरोपियों का परिवार राजनीतिक पहुंच वाला है और वे नेतागिरी कराकर सबूतों से छेड़छाड़ कर केस बिगाड़ रहे हैं।
यह घटना 6 अगस्त की रात अंबाह के खजूरी रोड पर हुई थी, जहां फौजी सोहन सिकरवार ने अपनी पत्नी रानी सिकरवार की लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी। इस मामले में अंबाह पुलिस ने सोहन सिकरवार के साथ उसके पिता और मां पर भी मामला दर्ज किया है। मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे मृतका रानी के दोनों भाई कुलदीप और प्रदीप सिंह ने सबूतों से छेड़छाड़ की बात कहते हुए रो पड़े।
पुलिस अधीक्षक मीना ने उन्हें आश्वासन दिया कि जांच में कोई कमी नहीं होगी और पूरे सबूत जुटा लिए गए हैं। उन्होंने भाइयों से कहा कि वे अपने बयान कोर्ट में सही दें, ताकि हत्यारे को कड़ी सजा दिलाई जा सके। मृतका के भाइयों ने यह भी बताया कि आरोपितों के पास लाइसेंसी हथियार हैं, जिस पर एसपी ने कहा कि उनके लाइसेंस निरस्त कर हथियार जमा करवा लिए जाएंगे।

Advertisement

वृद्धा की हत्या: पुलिस कार्रवाई पर सवाल

देवगढ़ थाना क्षेत्र के उत्तमपुरा में 26 जुलाई को 65 वर्षीय विमला देवी की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारे विमला देवी के पहने हुए सोने-चांदी के गहने लूटकर ले गए थे। इस मामले में मृतका के परिजन और 15-20 ग्रामीण मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे।
शिकायतकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक से कहा कि देवगढ़ पुलिस हत्यारे तक नहीं पहुंच पा रही है और उनके ही परिवार के नाबालिग बच्चों व महिलाओं को पूछताछ के लिए सुबह से रात तक थाने में बैठाती है। उन्होंने एसपी से आग्रह किया कि परिवार में किसी पर शक होने की स्थिति में महिलाओं से पूछताछ के लिए महिला पुलिस अधिकारी भेजी जाएं, क्योंकि पुरुष पुलिस अधिकारी उन्हें परेशान करते हैं। पुलिस अधीक्षक ने जांच के लिए महिला एसआई भेजने और जल्द ही आरोपितों को चिन्हित करने का भरोसा दिया।

जमीन विवाद में हत्या: आरोपियों पर धमकाने का आरोप

नूराबाद थाना क्षेत्र के विसेंठा गांव के 20 से ज्यादा ग्रामीण भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को जमीन विवाद में यशवीर गुर्जर, परिमाल गुर्जर, रामराज गुर्जर, रामकेश गुर्जर, रामराज गुर्जर, सुग्रीव गुर्जर, रामस्वरूप गुर्जर, इंद्रवीर गुर्जर, जोगेंद्र गुर्जर, उदयभान गुर्जर, नाहर सिंह गुर्जर, रामराज गुर्जर सहित कुल 17 लोगों ने लाठी-फरसों से हमला कर ऐंदल गुर्जर, कोमल गुर्जर, रामहेत गुर्जर और रामहेत गुर्जर को घायल कर दिया था। इलाज के दौरान 25 साल के ऐंदल पुत्र बलवीर सिंह की मौत हो गई।
ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस ने अब तक तीन आरोपितों को पकड़ा है, लेकिन बाकी के आरोपित आए दिन उन्हें धमका रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीती रात आरोपितों ने उनके घर के बाहर फायरिंग की और राजनीमा नहीं करने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी।