मुरैना में जनसुनवाई के दौरान कई गंभीर शिकायतें सामने आईं। सेना में कार्यरत भाइयों ने अपनी बहन रानी सिकरवार की हत्या के मामले में आरोपी फौजी पति सोहन सिकरवार और उसके परिवार पर राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल कर सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। एसपी धर्मराज मीना ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, एक 65 वर्षीय वृद्धा विमला देवी की हत्या के मामले में परिजनों ने देवगढ़ पुलिस पर हत्यारों तक न पहुंचने और परिवार की महिलाओं को परेशान करने का आरोप लगाया। तीसरे मामले में, जमीन विवाद में हुई हत्या के बाद बचे हुए आरोपी ग्रामीणों को धमका रहे हैं और उनके घर के बाहर फायरिंग भी की है।
असम में सीआरपीएफ की 34वीं बटालियन में हुई गोलीबारी में बालाघाट के जवान विष्णु बघेल शहीद हो गए। मंगलवार सुबह एएसआई बलानी प्रेमावरम ने क्वार्टर गार्ड और बैरक में अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें एसआई राम नवल सिंह यादव भी शहीद हुए और एएसआई माने गोबिंद घायल हो गए। आरोपी एएसआई ने बाद में आत्महत्या कर ली। शहीद विष्णु बघेल (44) अपने परिवार के इकलौते पुत्र थे, उनका पार्थिव शरीर बुधवार को बालाघाट स्थित पैतृक गांव लाया जाएगा।
राजस्थान के जैसलमेर में सड़क हादसे में शहीद हुए मेजर हमजा आरिफ का पार्थिव शरीर रविवार सुबह इंदौर स्थित उनके निवास पर पहुंचा। उन्हें सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम दर्शन के लिए रखे गए पार्थिव शरीर से तिरंगा हटाकर उनकी पत्नी को सौंपा गया। इस दुर्घटना में मेजर हमजा की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य लेफ्टिनेंट घायल हो गए थे। परिवार जैसलमेर से विशेष सैन्य वाहन में पार्थिव देह लेकर इंदौर पहुंचा था।
राजस्थान के जैसलमेर में गुरुवार रात हुई एक सड़क दुर्घटना में 31 वर्षीय मेजर हमजा आरिफ का निधन हो गया। वे नौ वर्षों से सेना में सेवारत थे और अपने साथी सैन्य कर्मियों के साथ ड्यूटी से लौटते समय उनका वाहन ऊंट से टकराकर पलट गया था। इंदौर के राजेंद्र नगर निवासी मेजर आरिफ की शादी एक माह पूर्व ही हुई थी। उनका पार्थिव शरीर शनिवार देर रात महू के मिलिट्री अस्पताल लाया गया। रविवार सुबह इंदौर के सैफी नगर में जनाजे की नमाज के बाद उन्हें राजकीय सम्मान के साथ इमली बाजार कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक किया जाएगा।
इंदौर के मेजर हमजा आरिफ, जो जैसलमेर में सड़क हादसे में शहीद हुए थे, का पार्थिव शरीर रविवार सुबह इंदौर पहुंचेगा। भारतीय सेना द्वारा रविवार सुबह 9 बजे इमली बाजार कब्रिस्तान में राजकीय सम्मान के साथ उन्हें सुपुर्दे खाक किया जाएगा। गुरुवार देर रात ड्यूटी से लौटते समय उनकी सेना की टाटा सफारी ऊंट से टकरा गई थी, जिससे मेजर हमजा की मौत हो गई और दो अन्य लेफ्टिनेंट घायल हो गए। पार्थिव शरीर को जैसलमेर से सड़क मार्ग द्वारा लाया गया है और महू सैन्य छावनी में सैन्य सम्मान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी, जिसके बाद इंदौर में जनाजा की नमाज अदा कर अंतिम संस्कार किया जाएगा।
असम में लगातार मानसूनी बारिश से ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण ऊपरी असम के कई गांव जलमग्न हो गए हैं। भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन जल राहत’ के तहत अब तक 571 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। यह अभियान 19 जुलाई से चौबीसों घंटे चल रहा है, जिसमें स्पीयर कोर असम सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है। सेना बचाव, चिकित्सा सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध करा रही है। शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में तीन विशेष टीमें तैनात हैं। कुछ इलाकों में जलस्तर कम होने के बावजूद राहत कार्य जारी है।