बुलंद सोच, मुरैना।

बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा ने बुधवार को मुरैना जिले में छात्रावासों और एक मदरसे का औचक निरीक्षण किया। खड़ियाहार गांव में दो कमरों में संचालित मदरसा आयसा इस्लामिया में 445 बच्चों का दाखिला देखकर आयोग अध्यक्ष हैरान रह गईं, क्योंकि मदरसे में दर्ज बच्चों में लगभग 90 प्रतिशत हिंदू बच्चे थे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को दोनों कमरों में केवल 35 बच्चे पढ़ते मिले। हालांकि, बच्चों के दाखिले का रिकॉर्ड जांचने पर पता चला कि उक्त मदरसे में 445 बच्चों के नाम दर्ज हैं, जिनमें से अधिकांश हिंदू बच्चों के नाम हैं। ये हिंदू बच्चे कभी मदरसे नहीं आते। मदरसा भवन के नाम पर दो छोटे कमरे और आगे एक आंगन था, जिसमें 445 छात्र-छात्राओं को बैठाकर पढ़ाना पूरी तरह असंभव है। इसके अलावा, अन्य रिकॉर्ड मांगने पर भी उपलब्ध नहीं करवाए गए। आयोग अध्यक्ष ने तत्काल मदरसे को सील करवा दिया और अधिकारियों को उसकी मान्यता निरस्त करने के आदेश दिए। उन्होंने शिक्षा विभाग की सहायक संचालिका को मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि मदरसे में जिन बच्चों के नाम दर्ज हैं, उन्हें पास के प्राथमिक विद्यालयों में प्रवेश दिलवाया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इस औचक निरीक्षण के दौरान आयोग अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा के साथ बीआरसी शिवराज शर्मा, शिक्षा विभाग की सहायक संचालिका वर्षा कोहली, मुरैना बाल कल्याण समिति के सदस्य रामू डंडौतिया और प्रवेंद्र शर्मा आदि मौजूद थे।
छात्रावास में अनियमितताएं
मदरसे के निरीक्षण से पहले, आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा ने जिला संयोजक अधिकारी अनुसूचित जाति विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी और बीआरसी आदि के साथ ज्ञानोदय आवासीय छात्रावास का भी दौरा किया। छात्रावास में सफाई व्यवस्था बदहाल मिली और भोजन की गुणवत्ता भी सही नहीं थी, वह मेनू के अनुसार नहीं था। छात्रावास में बना खेल ऑडिटोरियम प्राचार्य लक्ष्मी जैन ने ताला लगाकर बंद कर रखा था, जिससे बच्चे उसका उपयोग नहीं कर पा रहे थे। बार-बार मांगने पर भी अधीक्षिका रामबेटी ने निरीक्षण पंजी आयोग अध्यक्ष को उपलब्ध नहीं करवाई। भवन की खिड़कियां टूटी हुई थीं, जिस पर आयोग अध्यक्ष ने बालिकाओं की सुरक्षा को देखते हुए नाराजगी व्यक्त की। आयोग अध्यक्ष ने तत्काल खिड़कियों को ठीक करवाने और अन्य कमियों को भी दूर करवाने के निर्देश दिए।
विदिशा में बस विवाद
विदिशा में बस किराया बढ़ाने को लेकर छात्रों से विवाद हुआ। इस दौरान कंडक्टर ने एक छात्र का हाथ पकड़कर उसे बस से बाहर उतार दिया, जिसके बाद छात्र थाने पहुंचे।

