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मध्य प्रदेश सरकार ने 7,765 करोड़ रुपये से अधिक का प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया, भावांतर योजना को 2,313 करोड़ रुपये

मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए 7,765 करोड़ रुपये से अधिक का प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया। उप मुख्यमंत्री (वित्त) जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत इस बजट में भावांतर योजना के लिए सर्वाधिक 2,313 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। नर्मदा घाटी विकास को 3,000 करोड़, लोक निर्माण विभाग को अतिरिक्त 1,300 करोड़ और मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा को 101 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटाप के लिए 258.07 करोड़ रुपये का भी प्रावधान है।

प्रदेश सरकार ने 7,765 करोड़ रुपये से अधिक का प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया, भावांतर योजना को सर्वाधिक 2,313 करोड़ रुपये

प्रदेश सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए 7,765 करोड़ रुपये से अधिक का प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया है। इस बजट में भावांतर योजना को सर्वाधिक 2,313 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। नर्मदा घाटी विकास की सिंचाई परियोजनाओं और भू-अर्जन के लिए 3,000 करोड़ रुपये तथा समर्थन मूल्य पर उपार्जन करने वाली संस्थाओं को 2220.62 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इंफ्रास्ट्रक्चर और सड़क परियोजनाओं के लिए लोक निर्माण विभाग को 1,300 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। शिक्षा, पर्यटन और बस सेवाओं सहित विभिन्न अन्य योजनाओं के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं।

निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक का विरोध तेज, कांग्रेस ने शिक्षा के निजीकरण का आरोप लगाया

मध्यप्रदेश विधानसभा में पेश निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक-2026 को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने विधेयक का कड़ा विरोध करते हुए आरोप लगाया है कि सरकार उच्च शिक्षा का निजीकरण कर उसे उद्योग में बदलना चाहती है। कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने ₹5 करोड़ सुरक्षा राशि और 2500 वर्गमीटर भूमि की अनिवार्यता खत्म करने पर सवाल उठाए हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने भी इस विधेयक का विरोध करते हुए कहा है कि यह उच्च शिक्षा के व्यापारीकरण को बढ़ावा देगा और गुणवत्ता को प्रभावित करेगा।