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बालाघाट कलेक्टर ने दिव्यांग देवेश्वरी को लांजी अस्पताल में नौकरी देने का निर्देश दिया

बालाघाट कलेक्टर कुमार सत्यम ने जनसुनवाई के दौरान लांजी तहसील के ग्राम उमरी की दिव्यांग देवेश्वरी हरिनखेड़े को लांजी सिविल अस्पताल में नौकरी देने का निर्देश दिया। देवेश्वरी अपने 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग माता-पिता के सहारे के लिए रोजगार की गुहार लेकर आई थीं। कलेक्टर ने उनकी व्यथा सुनकर प्रभारी सीएमएचओ डॉ. ऋत्विक पटेल को लांजी सिविल अस्पताल की ओपीडी में आउटसोर्स पर पर्ची बनाने का कार्य देने के निर्देश दिए। इस निर्णय से देवेश्वरी भावुक हो गईं और उपस्थित सभी लोगों ने कलेक्टर की मानवीय पहल की सराहना की।

फौजी की बहन की हत्या: आरोपी पति के राजनीतिक पहुंच से केस बिगाड़ने का आरोप

मुरैना में जनसुनवाई के दौरान कई गंभीर शिकायतें सामने आईं। सेना में कार्यरत भाइयों ने अपनी बहन रानी सिकरवार की हत्या के मामले में आरोपी फौजी पति सोहन सिकरवार और उसके परिवार पर राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल कर सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। एसपी धर्मराज मीना ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, एक 65 वर्षीय वृद्धा विमला देवी की हत्या के मामले में परिजनों ने देवगढ़ पुलिस पर हत्यारों तक न पहुंचने और परिवार की महिलाओं को परेशान करने का आरोप लगाया। तीसरे मामले में, जमीन विवाद में हुई हत्या के बाद बचे हुए आरोपी ग्रामीणों को धमका रहे हैं और उनके घर के बाहर फायरिंग भी की है।

इंदौर में ‘भास्कर समाधान’ से सार्वजनिक शौचालयों की सफाई, जोनल अधिकारी तन्मय सिंह चौहान ‘स्टार ऑफिसर’ बने

इंदौर में दैनिक भास्कर एप का ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट जनसमस्याओं के समाधान में प्रभावी सिद्ध हो रहा है। एनआरआई कुलदीप की शिकायत पर जोन-13 के जोनल अधिकारी तन्मय सिंह चौहान ने रीजनल पार्क और रातापानी क्षेत्र के सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई करवाई, जिसके लिए उन्हें ‘स्टार ऑफिसर’ चुना गया। मरीमाता चौराहा पर चेंबर की समस्या का भी समाधान हुआ। हालांकि, शिवकांत नगर, भंवरकुआं चौराहा, न्यू रानी बाग और न्यू लोहा मंडी जैसे क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट, खुले चेंबर और बिजली पैनल जैसी कई समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं।

छिंदवाड़ा में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 3 अधिकारियों को निलंबित किया, 2 का इंक्रीमेंट रोका

छिंदवाड़ा में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’ का शुभारंभ किया और कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान तीन अधिकारियों को निलंबित किया। ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, तहसीलदार और पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। जनपद पंचायत चौरई के सीईओ और श्रम अधिकारी का एक-एक इंक्रीमेंट भी रोका गया। मुख्यमंत्री ने हर शुक्रवार को जिला और तहसील स्तर पर ‘जनता दरबार’ आयोजित करने की घोषणा की और मध्य प्रदेश को ऐसा अभियान शुरू करने वाला पहला राज्य बताया।

जनविश्वास शिविर में श्यामनगर रहवासियों ने नशा बिक्री और जर्जर आवासों पर उठाई आवाज

भोपाल के श्यामनगर में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान शिविर के दौरान रहवासियों ने खुलेआम नशा बिक्री और जर्जर आवासों की समस्या उठाई। महिलाओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में शराब और गांजे की खुलेआम बिक्री हो रही है, जिससे बच्चों और युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है और असुरक्षा का माहौल है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और निगमायुक्त संस्कृति जैन सहित अन्य अधिकारियों के समक्ष 846 आवेदन प्राप्त हुए। शिविर स्थल पर गंदगी और 13 साल से अधिक पुराने, मरम्मतविहीन आवासों की स्थिति भी सामने आई। अधिकारियों ने समस्याओं के समयबद्ध निराकरण का आश्वासन दिया।

मध्य प्रदेश में 7 अगस्त से जनविश्वास अभियान, विकास कार्यों और विभागीय नियुक्तियों की होगी समीक्षा

मध्य प्रदेश में 7 अगस्त से जनविश्वास अभियान शुरू होगा। इसमें विकास कार्यों के निरीक्षण, जनशिकायतों के निराकरण के साथ-साथ विभागीय समितियों में लंबित राजनीतिक नियुक्तियों की समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों, कलेक्टरों और कमिश्नरों को स्थानीय स्तर पर नियुक्तियां पूरी कराने के निर्देश दिए हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास एवं आवास, कृषि सहित कई विभागों में 2023 से जिला स्तरीय नियुक्तियां अधूरी हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा ताकि निर्धारित समयसीमा में सभी नियुक्तियां पूरी हो सकें।

सीएम हेल्पलाइन 181 ने पूरे किए 12 साल, 10% से अधिक शिकायतें 50 दिन बाद भी लंबित

मध्य प्रदेश में आम जनता की समस्याओं के समाधान हेतु शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन (181) सेवा ने 31 जुलाई को 12 साल पूरे कर लिए हैं। इसका उद्देश्य नागरिकों को अधिकारियों के चक्कर काटने से बचाना था। हालांकि, 10% से अधिक शिकायतें अभी भी 50 दिनों के बाद भी लंबित हैं, और पुरानी शिकायतों को मिलाकर कुल 13.51% मामले 50 दिन से अधिक समय से अटके हुए हैं। इस साल जुलाई में कुल 4.42 लाख शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 1.37 लाख का ही संतुष्टिपूर्वक समाधान हो सका। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2012 में इसकी शुरुआत की थी, और वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इसकी समीक्षा कर रहे हैं।

इंदौर में अवैध कॉलोनियों पर होगी सख्त कार्रवाई, लापरवाही पर अफसरों को शो-कॉज नोटिस

इंदौर में शासकीय और अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने अधिकारियों को बिना देरी के अवैध अतिक्रमण हटाने को कहा और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। एक समीक्षा बैठक में सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही के लिए श्रम विभाग के सहायक आयुक्त डीपी सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर जोर दिया तथा लगातार लापरवाही पर वित्तीय दंड सहित प्रशासनिक कार्रवाई की बात कही।

खाचरौद में दिव्यांग दंपती से मारपीट: FIR के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहे, कलेक्टर से सुरक्षा मांगी

उज्जैन जिले की खाचरौद तहसील के बेहलोला गांव में 18 जुलाई को एक दिव्यांग दंपती के साथ मारपीट हुई। एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, जिससे पीड़ित दंपती ने न्याय के लिए उज्जैन कलेक्टर से गुहार लगाई। दंपती ने आरोप लगाया कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उन पर राजीनामा का दबाव बना रहे हैं। यह विवाद पांच बीघा पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर है, जिसमें उनके देवर और अन्य रिश्तेदार उन्हें खेती करने से रोक रहे हैं। पीड़ितों ने अपनी जान को खतरा बताते हुए परिवार की सुरक्षा और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अस्थि दिव्यांग हिमांशु सोनी ने MPPSC उत्तीर्ण कर डिप्टी कलेक्टर का पद संभाला, पहले दिन जनसुनवाई में शामिल

अस्थि दिव्यांग हिमांशु सोनी ने घर पर ऑनलाइन तैयारी कर एमपीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की और जबलपुर में डिप्टी कलेक्टर का पद संभाला। सीमित संसाधनों और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने राज्य प्रशासनिक सेवा में स्थान बनाया। पहले ही दिन उन्होंने व्हीलचेयर पर जनसुनवाई में भाग लिया, 124 आवेदनों पर सुनवाई की और अधिकारियों को समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। उनके पिता महेंद्र सोनी ने इसे परिवार का गौरवपूर्ण क्षण बताया, कहते हुए कि हिमांशु ने अपनी शारीरिक चुनौती को कभी कमजोरी नहीं बनने दिया, बल्कि आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प से यह मुकाम हासिल किया।