इंदौर में गुरुवार सुबह हल्की वर्षा दर्ज की गई, जबकि दोपहर में उमस ने परेशान किया। अधिकतम तापमान सामान्य से कम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहा। शुक्रवार को बूंदाबांदी की संभावना है। इसी बीच, मालवांचल में कम वर्षा को लेकर सामाजिक संस्था सेवा सुरभि सात अगस्त को शाम साढ़े चार बजे एक मंथन कार्यक्रम आयोजित करेगी। इसमें पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी सहित कई पर्यावरणविद और शहर के नागरिक पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आम आदमी की उदासीनता जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने इंदौर में ‘क्यों रूठ जाती है प्रकृति’ विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि अब पेड़ नहीं, पानी लगाने का समय आ गया है। उन्होंने नदियों को पुनर्जीवित करने और वर्षा जल संचय की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. जोशी ने बताया कि जल संकट अब देशभर की समस्या है और भारत का ट्रॉपिकल देश होना एक लाभ है। उन्होंने मानवीय हस्तक्षेप के कारण बदलते मौसम, कृषि के नकारात्मक प्रभाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बजाय प्राकृतिक बुद्धिमत्ता पर काम करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने पहाड़ों पर पर्यटकों की संख्या नियंत्रित करने की भी बात कही।