पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने पहाड़ी राज्यों में बढ़ती पर्यटकों की संख्या को नियंत्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि स्थानीय आय प्रभावित न हो। उन्होंने कचरा बढ़ने और वाहनों से ब्लैक कार्बन के कारण ग्लेशियरों के पिघलने की गति तेज होने पर चिंता जताई। डॉ. जोशी ने पहाड़ों पर पानी की बोतलों की एंट्री बंद करने, स्थानीय भोजन-पानी को बढ़ावा देने और राज्य सरकारों द्वारा बसों के संचालन का सुझाव दिया। इंदौर की कान्ह नदी पर उन्होंने कहा कि इसे जीवित रखने के लिए पानी का बहाव बढ़ाना होगा।