ब्यावरा की अजनार नदी की सफाई को लेकर एक विवाद सामने आया है। छात्र सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ ‘बिट्टू तबाही’ ने छह महीने में अकेले नदी साफ करने का दावा किया है, जिसकी रील इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रही है। हालांकि, स्थानीय लोग और प्रशासन के अधिकारी इस दावे को फर्जी बता रहे हैं। उनका कहना है कि नदी में अभी भी गंदगी बरकरार है और केवल सरकार के प्रयासों से ही इसकी सफाई संभव है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 14.77 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।
ग्वालियर के शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिक्षानगर में मध्य प्रदेश का पहला ‘बाल गंगा प्रहरी कॉर्नर’ स्थापित किया गया है। यह देश का 41वां कॉर्नर है, जिसे भारतीय वन्यजीव संस्थान और राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने शुरू किया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को गंगा और उसकी सहायक नदियों की जैव विविधता, जलीय पारिस्थितिकी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। इंटरएक्टिव डिस्प्ले और विशेषज्ञ सत्रों के माध्यम से छात्रों को नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र, जलीय जीवों और संरक्षण के महत्व की जानकारी दी जा रही है।
पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने पहाड़ी राज्यों में बढ़ती पर्यटकों की संख्या को नियंत्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि स्थानीय आय प्रभावित न हो। उन्होंने कचरा बढ़ने और वाहनों से ब्लैक कार्बन के कारण ग्लेशियरों के पिघलने की गति तेज होने पर चिंता जताई। डॉ. जोशी ने पहाड़ों पर पानी की बोतलों की एंट्री बंद करने, स्थानीय भोजन-पानी को बढ़ावा देने और राज्य सरकारों द्वारा बसों के संचालन का सुझाव दिया। इंदौर की कान्ह नदी पर उन्होंने कहा कि इसे जीवित रखने के लिए पानी का बहाव बढ़ाना होगा।