उज्जैन के रामघाट पर शिप्रा आरती को लेकर विवाद हो गया है, जहाँ महाकाल मंदिर समिति ने आरती की जिम्मेदारी अपने बटुकों को सौंप दी है। करीब 11 साल से आरती करा रहे तीर्थ पुरोहितों ने इसका विरोध किया और शुक्रवार शाम को बटुकों को रोकने का प्रयास किया। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में पुरोहितों को घाट से हटाकर बटुकों द्वारा आरती कराई गई। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय वैदिक शिक्षा को सम्मान देने और बटुकों के लिए नए अवसर खोलने के लिए लिया गया है, जबकि पंडा समिति इसे प्राचीन परंपरा में हस्तक्षेप मान रही है।