मध्य प्रदेश के सतना जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 135 बीजी के फोरलेन निर्माण के कारण राज्य के एकमात्र माने जा रहे पीले पलाश के पेड़ पर संकट आ गया है। वनस्पति विज्ञानियों को वृक्ष को ट्रांसलोकेट करने पर उसके खत्म होने की आशंका है। पूर्व में बीजों से नए पौधे तैयार करने के प्रयास भी असफल रहे, क्योंकि उनमें फूल नहीं आए। दीनदयाल शोध संस्थान प्रबंधन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। वनमंडल अधिकारी के अनुसार, ट्रांसलोकेशन में वृक्ष के बचने की संभावना 40-50 प्रतिशत है। संरक्षण के लिए एयर लेयरिंग और अन्य विधियों पर विचार किया जा रहा है।