उच्च न्यायालय ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और जबरन गर्भपात के आरोपों वाली शिकायत पर एफआईआर दर्ज न होने को गंभीरता से लिया है। न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि पीड़िता की शिकायत पर तीन दिन के भीतर विधि अनुसार कार्रवाई कर उचित निर्णय लिया जाए। पीड़िता ने कमला नगर थाने में राजपाल अहिरवार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और आरोप लगाया था कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बजाय उसे हनी ट्रैप में फंसाने की धमकी दी। याचिका में तत्कालीन थाना प्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय और आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई है।