केरल हाईकोर्ट ने सबरीमाला प्रसाद इकाई में एफएसएसएआई जांच के दौरान पाई गई सफाई, स्वच्छता और स्टोरेज संबंधी कमियों पर कड़ा रुख अपनाया है। त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) ने कोर्ट को इन कमियों को दूर करने और आवश्यक मानकों को प्राप्त करने का आश्वासन दिया है। एफएसएसएआई रिपोर्ट में इकाई को 182 में से 91 अंक मिले थे और इसे नियमों का पालन न करने वाला बताया गया था। हाईकोर्ट ने सुधार के साथ-साथ एक पूरी तरह कार्यात्मक खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला स्थापित करने और नियमित जांच के निर्देश भी दिए हैं। टीडीबी ने एफएसएसएआई के साथ और बैठकें करने की बात कही है।
उज्जैन के महाकाल मंदिर में भस्म आरती से जुड़ी कई अनूठी परंपराएं हैं। भगवान महाकाल के भोग के लिए एक दिन पहले भिक्षा मांगने की सदियों पुरानी परंपरा आज भी निभाई जाती है, जिसमें पुजारी परिवार द्वारा नियुक्त व्यक्ति शहर की 20 से अधिक दुकानों से सामग्री एकत्र करता है। भस्म आरती के लिए 16 अधिकृत पुजारी ही होते हैं। आरती से पूर्व मंदिर के पट आज्ञा लेकर खुलते हैं, 16 मंत्रों से अभिषेक होता है और नंदी के अभिषेक के बाद भगवान का भव्य शृंगार होता है। भस्म अर्पण के समय महिलाएं घूंघट रखती हैं। सावन में सोमवार को भगवान उपवास भी रखते हैं, और चढ़ाए गए फूलों से अगरबत्ती बनती है।