उज्जैन के महाकाल मंदिर में भस्म आरती से जुड़ी कई अनूठी परंपराएं हैं। भगवान महाकाल के भोग के लिए एक दिन पहले भिक्षा मांगने की सदियों पुरानी परंपरा आज भी निभाई जाती है, जिसमें पुजारी परिवार द्वारा नियुक्त व्यक्ति शहर की 20 से अधिक दुकानों से सामग्री एकत्र करता है। भस्म आरती के लिए 16 अधिकृत पुजारी ही होते हैं। आरती से पूर्व मंदिर के पट आज्ञा लेकर खुलते हैं, 16 मंत्रों से अभिषेक होता है और नंदी के अभिषेक के बाद भगवान का भव्य शृंगार होता है। भस्म अर्पण के समय महिलाएं घूंघट रखती हैं। सावन में सोमवार को भगवान उपवास भी रखते हैं, और चढ़ाए गए फूलों से अगरबत्ती बनती है।