भारत सरकार ने मेटा को स्पष्ट संदेश दिया है कि उसके प्लेटफॉर्मों को भारतीय कानूनों और स्थानीय परिस्थितियों का पालन करना होगा। बातचीत का मुख्य केंद्र कंटेंट मॉडरेशन, CSAM, डीपफेक और सिंथेटिक कंटेंट से जुड़े मौजूदा सिस्टम को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाना है। सरकार स्थानीय भाषाओं की समझ, मानवीय समीक्षा और हानिकारक कंटेंट के दोबारा अनुशंसित होने से रोकने पर जोर दे रही है। मेटा और MeitY के बीच तकनीकी वार्ताएं जारी रहेंगी, जिसका उद्देश्य प्लेटफॉर्म की नीतियों को भारतीय कानूनों के अनुरूप बनाना है।