धार जिले के बाग ब्लॉक स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका छात्रावास से कक्षा छठी की दो छात्राएं बुधवार को बिना बताए निकलकर 8 किलोमीटर पैदल अपने गांव कनेरी पहुंचीं। घर पहुंचने के बाद एक छात्रा ने जहरीली दवा पी ली, जिसे मनावर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद शुक्रवार को उसे छुट्टी मिल गई और अब वह खतरे से बाहर है। छात्रावास वार्डन के अनुसार, गिनती के दौरान छात्राओं के गायब होने का पता चला। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि छात्राएं परिवार से दूर रहने के कारण छात्रावास में नहीं रहना चाहती थीं।
खंडवा शहर के सीनियर संयुक्त परियोजना बालक छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्रों में आक्रोश देखा गया। शुक्रवार को भोजन में इल्ली मिलने के बाद 30 से अधिक छात्र भोजन की थालियां लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। छात्रों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से घटिया भोजन परोसा जा रहा है और शिकायत के बावजूद सुधार नहीं हुआ। अधिकारियों ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया। इससे पहले अवलिया कन्या छात्रावास में 25 छात्राओं की तबीयत बिगड़ी थी। इंदौर में भी दूषित खाने से 20 से अधिक छात्राएं बीमार हुई थीं, जिनमें लिवर तक संक्रमण पहुंचा था।