मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहां ग्राम पंचायत सोनवारी के मोदीनगर और आदिवासी बस्ती के स्कूली बच्चे उफनते नाले को पार कर जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते हैं। ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं का अभाव है और बारिश में नाला पार करना उनकी मजबूरी है। सरपंच कृष्णाबाई उमाकांत उपाध्याय ने 2024 और 2025 में जिला प्रशासन को मांग पत्र सौंपे, जबकि ग्रामीणों ने चार साल से ग्राम पंचायत, जिला प्रशासन और सीमेंट कंपनी के सीएसआर विभाग को रपटा व सड़क निर्माण के लिए कई ज्ञापन दिए हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी से संपर्क नहीं हो सका।