मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए दो से अधिक संतान वाले लगभग 25 साल पुराने प्रावधान को खत्म करने का मामला नौकरशाही स्तर पर अटक गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बावजूद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) अब तक इससे संबंधित प्रस्ताव कैबिनेट में नहीं ला सका। पूर्व मुख्य सचिव के कार्यकाल में भी वरिष्ठ सचिव समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी थी। मुख्यमंत्री ने GAD के एक ड्राफ्ट पर भी आपत्ति जताई थी, जिसमें यह पाबंदी बरकरार रखी गई थी। इस प्रावधान को 2001 में लागू किया गया था और कर्मचारी संगठन लगातार इसका विरोध कर रहे हैं।