बुलंद सोच, छिंदवाड़ा।
छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा का बहुचर्चित ‘चप्पल कांड’ एक बार फिर चर्चा में है। यह मामला पट्टा वितरण कार्यक्रम में पार्षदों को आमंत्रित नहीं किए जाने से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन और उसके बाद हुए विवाद से जुड़ा है। कार्यक्रम में निमंत्रण नहीं मिलने से नाराज पार्षदों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन किया था। संबंधित पक्ष के अनुसार, इस विरोध प्रदर्शन में करीब 1500 से 2000 नागरिक शामिल हुए थे। पार्षदों और नागरिकों ने कार्यक्रम की व्यवस्था तथा जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किए जाने को लेकर अपनी नाराजगी जताई थी।
न्यायिक प्रक्रिया और दोषमुक्ति
विरोध प्रदर्शन के बाद विवाद बढ़ा और तत्कालीन नगर पालिका मुख्य नगर पालिका अधिकारी रोशन सिंह बाथम की शिकायत पर पार्षदों समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित पार्षदों एवं अन्य लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के साथ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। मामले में भाजपा पार्षद दीपा मुकेश सूर्यवंशी और बहुजन समाज पार्टी की पार्षद संतोषी दुर्गा वंशकार सहित अन्य लोगों को आरोपित बनाया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी की और आरोपितों के विरुद्ध न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। आरोपित पक्ष का कहना था कि उनका विरोध पट्टा वितरण कार्यक्रम में पार्षदों को आमंत्रित नहीं किए जाने को लेकर था। उनके अनुसार, प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आम नागरिक भी शामिल थे और इसका उद्देश्य कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की भूमिका तथा नागरिकों की सहभागिता को लेकर आपत्ति दर्ज कराना था। आरोपितों की ओर से यह भी कहा गया कि घटनाक्रम को बाद में अलग रूप देकर उनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज कराया गया। उनका कहना था कि उनके खिलाफ दर्ज प्रकरण तथ्यों के अनुरूप नहीं था और इसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया। अब लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद विशेष सत्र न्यायालय, छिंदवाड़ा ने सभी आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया है।

