जबलपुर हाई कोर्ट ने हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे राजेंद्र यादव और उनके बेटों सत्येंद्र व जितेंद्र यादव को दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने अभियोजन की कहानी में कई महत्वपूर्ण विसंगतियां पाईं। एक बेटा जितेंद्र यादव वारदात के समय झांसी के अस्पताल में भर्ती था, फिर भी उसे करीब 10 साल छह महीने जेल में रहना पड़ा। हाई कोर्ट ने पाया कि अज्ञात आरोपियों पर आगे की जांच का उल्लेख नहीं था, गवाहों के बयानों में विरोधाभास थे, और कथित हथियार पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर को नहीं दिखाए गए थे।
महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी विभागों में Sarvam AI के स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाधानों को लागू करने की मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर दो वर्षों में 11.26 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे करीब 2,500 सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘इंडस’ एआई वर्कस्पेस बनेगा। Sarvam AI के समाधान भारत के सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर पर होस्ट होंगे और इसमें ‘संवाद’, ‘सारस’ और ‘बुलबुल’ एआई मॉडल भी शामिल हैं। वहीं, ठाणे सत्र अदालत ने 40 वर्षीय इंजीनियर विकार जैनुद्दीन शेख को अपनी गर्भवती पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित नहीं कर सका और जांच में खामियां पाई गईं।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने तहल्का पत्रिका के संस्थापक तरुण तेजपाल को 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार दिया है और उन्हें बरी करने के फैसले को रद्द कर दिया है। अपनी दोषसिद्धि के बाद, तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की बात कही और इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इस फैसले को न्याय की जीत बताया। मामले की जांच अधिकारी सुनीता सावंत ने पुष्टि की कि जांच सही ढंग से की गई थी और सभी तथ्य अदालत में प्रस्तुत किए गए थे।
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कॉर्पस) याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि केवल अवैध हिरासत की आशंका व्यक्त करने से याचिका स्वीकार्य नहीं होती; याचिकाकर्ता को प्रथमदृष्टया यह दिखाना होगा कि संबंधित व्यक्ति वास्तव में किसी की अवैध हिरासत में है। रिंकू राजपूत द्वारा दायर इस याचिका में पत्नी के लापता होने और पुलिस की निष्क्रियता का आरोप था, लेकिन कोर्ट ने पाया कि अवैध हिरासत का कोई प्रमाण या तथ्य पेश नहीं किया गया। कोर्ट ने त्वरित जांच के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 528 के तहत वैकल्पिक कानूनी उपाय भी सुझाए।
ग्वालियर खंडपीठ ने भिंड के अवधेश शर्मा हत्याकांड में चार दोषियों, जिनमें भूरा और कल्लू शामिल हैं, की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। अदालत ने कहा कि दुश्मनी हत्या का मजबूत कारण हो सकती है, इसलिए पुरानी रंजिश के आधार पर प्रत्यक्षदर्शी गवाहों की गवाही को खारिज नहीं किया जा सकता। खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि मृतक का रिश्तेदार होने मात्र से गवाही अविश्वसनीय नहीं होती, बशर्ते वह स्वाभाविक और सुसंगत हो। घटना के 30 मिनट में एफआईआर दर्ज होने को भी अभियोजन की कहानी की विश्वसनीयता का संकेत माना गया।
भोपाल के बहुचर्चित बाल यौन शोषण मामले में न्यायिक प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुँच गई है। विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल की अदालत में अभियोजन पक्ष ने अपने सभी साक्ष्य प्रस्तुत कर दिए हैं। अब न्यायालय ने मुख्य आरोपी प्यारे मियां उर्फ अब्दुल अय्यूब के बयान दर्ज करने के लिए सात अगस्त की तारीख तय की है। इस मामले में जुलाई 2020 में शिकायत सामने आई थी, जिसके बाद प्यारे मियां और उसके साथियों पर नाबालिगों के साथ दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, अप्राकृतिक यौनाचार, मानव तस्करी और अत्याचार के आरोप लगे थे। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र प्रस्तुत किया है, और अब आगामी सुनवाई पर सभी की नजरें हैं।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) सागर के पूर्व क्षेत्रीय आयुक्त सतीश कुमार को बीड़ी कारोबारी से पांच लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में विशेष अदालत ने दोषी ठहराया है। अदालत ने उन्हें पांच वर्ष के सश्रम कारावास और पांच लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। यह मामला 2022 का है जब ईओडब्ल्यू ने उन्हें 5 लाख रुपये की पहली किश्त लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। अदालत ने भ्रष्टाचार पर सख्त टिप्पणी करते हुए आरोपी की बीमारी और पारिवारिक परिस्थितियों के आधार पर सजा में राहत देने की मांग खारिज कर दी।
इंदौर स्थित विशेष न्यायालय (एमपी-एमएलए) ने आगर-मालवा के बड़ौद थाना क्षेत्र में शासकीय कार्य में बाधा और पुलिसकर्मियों को धमकाने के मामले में पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े सहित आठ आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया। न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि पुलिस अधिकारियों से केवल बहस या तर्क-वितर्क करना शासकीय कार्य में बाधा का अपराध नहीं है, जब तक कि लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग सिद्ध न हो। 23 नवंबर 2020 को दर्ज इस मामले में, अदालत ने साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज का परीक्षण किया, जिसमें धक्का-मुक्की का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला।
ग्वालियर के सिंधिया राजघराने की लगभग 40 हजार करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति के विवाद में मंगलवार को जिला न्यायालय में महत्वपूर्ण सुनवाई होगी। इस सुनवाई में प्रस्तावित महासमझौते, उत्तराधिकार और ज्येष्ठाधिकार के कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ की पुत्री प्रतिमा देवी ने कैविएट दायर कर मामले में नया कानूनी पेच डाल दिया है। उन्होंने अपने वैधानिक अधिकार प्रभावित होने का दावा करते हुए अपना पक्ष सुने बिना कोई अंतिम आदेश पारित न करने की मांग की है। विवादित संपत्तियों में जयविलास पैलेस प्रमुख है।
गुजरात के जखाऊ तट पर 2019 में पकड़ी गई 330 किलो ब्राउन हेरोइन तस्करी मामले में विशेष एनआईए अदालत ने छह पाकिस्तानी नागरिकों को आठ-आठ वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, कथित तौर पर खेप लेने वाले दो भारतीय आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। यह मामला 20 मई 2019 को राजस्व खुफिया निदेशालय को मिली एक सूचना से शुरू हुआ था, जिसमें एक पाकिस्तानी नाव द्वारा भारतीय समुद्री सीमा में मादक पदार्थ पहुंचाने की बात कही गई थी। जांच के दौरान पाकिस्तानी नाव ‘अल-मदीना’ और भारतीय नाव ‘फेजाने किरमानी’ को पकड़ा गया था, और बरामद पदार्थ को फोरेंसिक जांच में ब्राउन हेरोइन के रूप में पुष्टि की गई।