बुलंद सोच, भोपाल।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह राजधानी भोपाल में गौपालकों के सम्मेलन में पहुंचे। यहां उन्होंने देश में लागू हुए तीन नए आपराधिक कानूनों के बाद आए व्यवस्थागत परिवर्तनों पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और उसका गहन अवलोकन किया। इसके बाद वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ गौपालक सम्मेलन के मंच पर भी शामिल हुए।
नए कानूनों पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोपहर 12:13 बजे प्रदर्शनी का अवलोकन शुरू किया। प्रदर्शनी के माध्यम से यह दर्शाया गया था कि नए कानूनों के लागू होने के बाद पुलिस और न्याय प्रणाली में किस तरह से तकनीकी और प्रक्रियात्मक बदलाव आए हैं। गृह मंत्री ने विभिन्न काउंटरों पर रुककर तैयारियों को देखा। गृह मंत्री अमित शाह ने जिला एवं सत्र न्यायालय की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग व्यवस्था और जय प्रकाश (JP) अस्पताल की प्रदर्शनी में विशेष रूप से समय बिताया। उन्होंने जबलपुर हाई कोर्ट की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और लगभग 13 मिनट तक पुलिस विभाग की प्रदर्शनी में रुककर नई कार्यप्रणालियों की जानकारी ली। पुलिस विभाग के काउंटरों के निरीक्षण के बाद वे सहकारिता विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में पहुंचे।
लोकार्पण एवं सम्मान समारोह
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से तीन लाख लीटर क्षमता वाले डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया। उन्होंने भोपाल में 16.5 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई सहकारी क्षेत्र की पहली प्रयोगशाला का भी शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाले दुग्ध उत्पादक किसानों को सम्मानित किया। लखपति गोपालक दीदियों को भी सम्मान चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। लेख में यह भी बताया गया है कि उज्जैन में 255 करोड़ रुपये का मेगा डेयरी प्लांट लगेगा, जिसका डिजिटल भूमिपूजन अमित शाह 3 अक्टूबर को भोपाल से करेंगे।
अमित शाह का संबोधन: न्याय प्रणाली और श्वेत क्रांति
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 50 लाख लीटर दुग्ध संकलन का लक्ष्य लेकर संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में इतने किसान आगे आए हैं, जो प्रदेश की श्वेत क्रांति के लिए शुभ संकेत है। श्री शाह ने मध्य प्रदेश की जनता को आश्वस्त किया कि हमारी न्याय व्यवस्था पहले ‘तारीख पर तारीख’ के नाम से जानी जाती थी। उन्होंने बताया कि नए कानूनों के पूरे क्रियान्वयन के बाद सुप्रीम कोर्ट तक किसी भी दोषी को तीन साल में सजा दिलाने की व्यवस्था होगी। गृह मंत्री ने कहा कि ये जो कानून आए हैं, वे भारत के नागरिकों के सम्मान के लिए हैं। यह दंड देने का कानून नहीं है, बल्कि न्याय सुनिश्चित करने की व्यवस्था है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कानूनों के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद भारत में दुनिया की सबसे अच्छी आपराधिक न्याय प्रणाली बनेगी।
मंच पर गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
प्रदर्शनी के उद्घाटन और अवलोकन के दौरान प्रदेश के वरिष्ठ नेता और मंत्री मंच पर मौजूद रहे। गौपालक सम्मेलन के मंच पर केंद्रीय गृह मंत्री के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री कृष्णा गौर, एदल सिंह कंसाना, महापौर मालती राय और विधायक रामेश्वर शर्मा सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

