BREAKING NEWS
2026-10-17

बांधवगढ़ हाथी महोत्सव 24 से 28 सितंबर तक, स्थान और अवधि में परिवर्तन

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, उमरिया।

बांधवगढ़ हाथी महोत्सव की तारीखें घोषित कर दी गई हैं, जिसकी घोषणा सितंबर के दूसरे पखवाड़े के समाप्त होते ही की गई। इस बार हाथी महोत्सव को लेकर दो बड़े परिवर्तन किए गए हैं, जिनमें आयोजन का स्थान और अवधि शामिल है।

Advertisement

पहले हाथी महोत्सव का आयोजन बांधवगढ़ के कोर ताला गेट के रामा हाथी कैंप में होता था। हालांकि, इस बार यह आयोजन ग्राम परासी के निकट धमोखबर बफर गेट में होगा।

पूर्व में यह आयोजन एक सप्ताह का हुआ करता था, लेकिन इस बार इसे सिर्फ पांच दिनों के लिए निर्धारित किया गया है। यह पांच दिवसीय आयोजन 24 से 28 सितंबर तक चलेगा, और वन विभाग ने इसे लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।

हाथी महोत्सव के दौरान बांधवगढ़ के सभी हाथी परासी गेट के नजदीक मौजूद रहेंगे। इस अवधि में सभी हाथियों की विशेष सेवा की जाएगी।

उन्हें खाने के लिए न सिर्फ फल दिए जाएंगे, बल्कि आटा, गुड़ और नारियल के मोटे रोट भी तैयार किए जाएंगे। महोत्सव के पांच दिनों तक हाथियों से कोई काम नहीं लिया जाएगा।

सुबह उन्हें नहलाने के बाद चंदन लगाया जाएगा और तेल से मालिश की जाएगी। पशु चिकित्सकों की एक विशेष टीम हाथियों के स्वास्थ्य की जांच करेगी, साथ ही उनके खान-पान का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।

हाथियों के लिए केला, गन्ना, नारियल और रोटी सहित उनका पसंदीदा भोजन तैयार किया जाएगा। पूरे दिन उन्हें काम से दूर रखकर जंगल में घूमने और आराम करने का अवसर दिया जाएगा। इस दौरान वन अमला उनके स्वास्थ्य और गतिविधियों पर नजर रखेगा।

बांधवगढ़ के हाथियों की अपनी-अपनी कहानियां हैं; किसी हाथी को बिहार के मेले से खरीद कर लाया गया है, तो किसी को रेस्क्यू करके यहां पहुंचाया गया है, जबकि किसी का जन्म यहीं हुआ है।

इस बार आयोजन स्थल बदलने के पीछे एक उद्देश्य धमोखर बफर क्षेत्र के पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी इससे जोड़ना है। परासी गेट से नियमित सफारी संचालित होती है, और यहां आयोजित होने वाली पिकनिक के जरिए लोगों को हाथियों के व्यवहार, देखभाल और संरक्षण के बारे में जानकारी मिलेगी।

यह आयोजन हाथियों की देखभाल और संरक्षण के साथ-साथ मानव-हाथी सहअस्तित्व का संदेश देने का माध्यम भी बनेगा। बांधवगढ़ में जंगली हाथियों की गांवों की ओर आवाजाही को देखते हुए प्रबंधन ग्रामीणों को भी जागरूक करता है।

क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि हाथी महोत्सव की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। वर्तमान में बांधवगढ़ के हाथी मैहर वन क्षेत्र में चल रहे रेस्क्यू अभियान में लगे हुए हैं। सभी हाथियों के वापस लौटने के बाद 24 सितंबर से परासी गेट पर आयोजन शुरू होगा।

बांधवगढ़ में हाथियों का उपयोग वन्यजीव संरक्षण, निगरानी और रेस्क्यू कार्यों में किया जाता है। दुर्गम जंगलों में जहां वाहन नहीं पहुंच पाते, वहां हाथियों की मदद से घायल या संकट में फंसे वन्यजीवों तक पहुंच बनाई जाती है।