BREAKING NEWS

Latest News

उमरिया में जन्माष्टमी पर 108 एम्बुलेंस में नवजात का सुरक्षित प्रसव

उमरिया में कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर एक 108 एम्बुलेंस में नवजात शिशु का सुरक्षित प्रसव हुआ। करकेली के ग्राम पड़ेरा की 22 वर्षीय सिलोचिनी बाई गोंड को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 108 सेवा को सूचित किया। पायलट प्रदीप कचेर प्रसूता को अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में पीड़ा तेज हो गई। प्रदीप कचेर ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए एम्बुलेंस के भीतर ही सफलतापूर्वक प्रसव कराया। जिला प्रबंधक सत्येन्द्र कुमार वर्मा ने पायलट की सराहना की।

बांधवगढ़ हाथी महोत्सव 24 से 28 सितंबर तक, स्थान और अवधि में परिवर्तन

बांधवगढ़ हाथी महोत्सव की तारीखें घोषित कर दी गई हैं, यह 24 से 28 सितंबर तक पांच दिवसीय आयोजन होगा। इस वर्ष महोत्सव का स्थान बदलकर ग्राम परासी के निकट धमोखबर बफर गेट कर दिया गया है, जो पहले रामा हाथी कैंप में एक सप्ताह का होता था। महोत्सव के दौरान बांधवगढ़ के सभी हाथियों की विशेष सेवा की जाएगी, उन्हें काम से दूर रखकर पसंदीदा भोजन और आराम का अवसर मिलेगा। इसका उद्देश्य पर्यटकों और स्थानीय लोगों को हाथियों के संरक्षण तथा मानव-हाथी सहअस्तित्व के बारे में जागरूक करना भी है।

उमरिया के लालपुर आवास में पीआईयू इंजीनियर दिलीप टेकाम की संदिग्ध परिस्थिति में मौत

उमरिया के लालपुर स्थित आवास में पीआईयू विभाग के इंजीनियर दिलीप सिंह टेकाम की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। वह मंगलवार सुबह अपने कमरे में नहीं उठे, जिसके बाद कर्मचारियों और ड्राइवर ने दरवाजा खोलने का प्रयास किया। दिनभर दरवाजा नहीं खुलने पर देर शाम पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। प्रारंभिक जांच में शराब के अत्यधिक सेवन की बात सामने आई है, हालांकि पुलिस ने अभी मौत की वजह की पुष्टि नहीं की है।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर में 4-5 वर्षीय बाघ का शव मिला

उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर परिक्षेत्र में 4-5 वर्षीय बाघ का शव मिला, जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने तत्काल मौके पर घेराबंदी कर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। डॉग स्क्वाड और मेटल डिटेक्टर की मदद से सघन तलाशी ली गई, जिसमें कोई फंदा या हथियार बरामद नहीं हुआ। पोस्टमार्टम में बाघ के दांत और नाखून सुरक्षित पाए गए, जिससे शिकार की आशंका कम हुई। मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विसरा नमूने वैज्ञानिक परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजे गए हैं, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।